पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर जारी सियासी घमासान और तेज हो गया है। पार्टी के कई सांसदों के बागी तेवरों के बीच अब पूर्व भारतीय क्रिकेटर और टीएमसी सांसद यूसुफ पठान का नाम भी विवादों के केंद्र में आ गया है। टीएमसी के वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी ने दावा किया है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के फोन के बाद यूसुफ पठान दिल्ली गए थे। इस बयान ने बंगाल की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कल्याण बनर्जी ने बागी सांसदों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि जो सांसद भाजपा नेता भूपेंद्र यादव के आवास पर बैठक में शामिल हुए, उन्होंने वस्तुतः भाजपा का साथ चुन लिया है। बनर्जी ने कहा कि इन नेताओं ने ममता बनर्जी के नेतृत्व से दूरी बनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना नेता मान लिया है।
कल्याण बनर्जी ने दावा किया कि उन्होंने स्वयं यूसुफ पठान से बातचीत की थी और पठान ने उन्हें बताया था कि अमित शाह ने उन्हें दिल्ली बुलाया है। हालांकि, इस दावे पर अब तक यूसुफ पठान की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
उधर, टीएमसी की बागी नेता काकोली घोष दस्तीदार लगातार दावा कर रही हैं कि उनके साथ बड़ी संख्या में सांसद हैं और पार्टी के भीतर असंतोष गहराता जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि कुछ सांसद एनडीए को समर्थन देने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
इन घटनाक्रमों ने ममता बनर्जी की पार्टी के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि टीएमसी नेतृत्व इस बढ़ते असंतोष को कैसे संभालता है।