दिल्ली में सीबीएसई अधिकारियों के साथ बैठक के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सीबीएसई ने कक्षा 12वीं की परीक्षाओं के लिए पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस वर्ष करीब 17 लाख छात्रों ने परीक्षा दी थी, जिनकी लगभग 98 लाख उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया गया। कुल मिलाकर लगभग 40 करोड़ स्कैन किए गए पन्नों को जांच प्रक्रिया में शामिल किया गया। पहली बार सीबीएसई ने डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली लागू की है, जिसका उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और छात्र-केंद्रित सुधार सुनिश्चित करना है। अब छात्र अपनी स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं देखकर दिए गए अंकों की जांच कर सकते हैं और किसी भी त्रुटि पर सवाल उठा सकते हैं। अब तक करीब 4 लाख छात्र अपनी उत्तर पुस्तिकाएं डाउनलोड कर चुके हैं, जिनमें लगभग 11 लाख कॉपियां शामिल हैं। इस पूरी प्रक्रिया की तकनीकी निगरानी के लिए आईआईटी कानपुर और आईआईटी मद्रास जैसी संस्थाओं को शामिल किया गया है। साथ ही एसबीआई, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक समेत चार सरकारी बैंकों ने भुगतान प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए अपने पेमेंट गेटवे जोड़े हैं। धर्मेंद्र प्रधान ने माना कि कुछ विसंगतियां सामने आई हैं और सरकार इसकी जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए सुधारात्मक कदम उठा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी छात्र की शिकायत को अनदेखा नहीं किया जाएगा और हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी।