राजधानी शिमला के गोलछा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से लगातार गंदगी खड्ड में बहने और पीने के पानी में मिलाने के विरोध में सोमवार को तीन पंचायतों के सैकड़ों ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। नीन, धैणी और दत्तनगर पंचायतों के लोगों ने एकजुट होकर जल शक्ति विभाग और शिमला जल प्रबंधन निगम के खिलाफ नारेबाजी की और शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि जिस तरह से शिमला शहर के लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाया जाता है, उसी तरह उन्हें भी साफ पानी उपलब्ध करवाया जाए। ग्रामीणों ने कहा कि गोलछा सीवरेज प्लांट से बहने वाला गंदा पानी खड्ड के माध्यम से उनकी पेयजल योजनाओं में मिल रहा है, जिससे कई हफ्तों से उन्हें दूषित पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि 10 दिनों के भीतर स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति बहाल नहीं की गई और प्लांट से दूषित पानी का बहाव नहीं रुका तो बड़े स्तर पर आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे।