दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पेलेट गन के इस्तेमाल और सांसद कंगना रनौत के बयानों को लेकर हिमाचल प्रदेश के शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों की आवाज को दबाने की बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतंत्र का हिस्सा हैं और किसी भी आंदोलन को लेकर संवेदनशीलता के साथ व्यवहार किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर पेलेट गन का इस्तेमाल करना गंभीर विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। मंत्री ने मंडी से सांसद कंगना रनौत की ओर से दिए गए बयानों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए बयान देने चाहिए और ऐसे मुद्दों पर संयम बरतना जरूरी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति के लिए भी जगह होती है। सरकार और जनप्रतिनिधियों का दायित्व है कि वे जनता की समस्याओं को सुनें और संवाद के माध्यम से समाधान निकालें। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि देश में हर नागरिक को अपनी बात रखने का अधिकार संविधान ने दिया है। ऐसे में विरोध की आवाज को दबाने के बजाय लोकतांत्रिक तरीके से उसका समाधान किया जाना चाहिए।