हिमाचल प्रदेश की राजधानी में केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की ओर से बुधवार राष्ट्रव्यापी हड़ताल में सीटू से संबंधित सभी यूनियनें शामिल हुईं। हड़ताल के चलते शहर में होने वाले प्रदर्शनों से यातायात ठप हो गया। शहर में सैहब सोसायटी के कर्मचारी भी हड़ताल पर हैं। इसके चलते घरों से कूड़ा नहीं उठा। शिमला का राम बाजार भी बंद रहा। तहबाजारियों ने दुकानें नहीं खोलीं। रेहड़ी-फड़ी तहबाजारी यूनियन भी हड़ताल पर है। इस दाैरान बाजार से पंचायत भवन तक रैली निकाली गई। शिमला व्यापार मंडल इस हड़ताल में शामिल नहीं हुआ है। सीटू से संबंधित मिड डे मील और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी हड़ताल में शामिल हुईं। इसके चलते स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में खाना बनाने का काम ठप रहा। हड़ताल में किसान, मजदूर संगठनों के अलावा होटल कर्मचारी, अस्पताल कर्मचारी, एसटीपी कर्मी, मनरेगा कर्मी, परियोजनाओं में काम कर रहे कर्मचारी, गाइड आदि शामिल हुए। शिमला शहर में हड़ताल के दौरान सुबह पंचायत भवन से चौड़ा मैदान के लिए विशाल रैली निकाली। इस दौरान सर्कुलर रोड पर चक्का जाम लग गया। चौड़ा मैदान में विशाल रैली में विभिन्न संगठनों के नेता शामिल हुए। ट्रेड यूनियनों की इस हड़ताल को माकपा और किसान सभा ने भी अपना समर्थन दिया है।