राजधानी शिमला में नगर निगम की ओर से तहबाजारियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के विरोध में सोमवार को सीटू के नेतृत्व में रेहड़ी-पटरी विक्रेता सड़कों पर उतर आए। नगर निगम कार्यालय के बाहर सीटीओ चौक पर तहबाजारियों ने धरना-प्रदर्शन कर नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नगर निगम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं कर रहा है। उनका आरोप है कि शहर में वर्षों से आजीविका चला रहे तहबाजारियों को बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के हटाया जा रहा है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। सीटू नेताओं और तहबाजारियों ने कहा कि रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को हटाने से पहले उनके बैठने के लिए उचित स्थान उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक पुनर्वास की व्यवस्था नहीं होती, तब तक किसी भी तहबाजारी को हटाना न्यायसंगत नहीं है। प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तहबाजारियों के लिए उचित नीति लागू की जाए और उन्हें सम्मानजनक तरीके से रोजगार का अधिकार दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नगर निगम ने कार्रवाई नहीं रोकी और उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। धरने के दौरान बड़ी संख्या में तहबाजारी और सीटू कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए नगर निगम कार्यालय के बाहर माहौल गर्म रहा, हालांकि स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही।