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Shimla: राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने प्रदेश सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, मांगों को लेकर की 'आग्रह रैली'

Ankesh Dogra Updated Sun, 01 Mar 2026 12:23 PM IST

राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ ने रविवार को शिमला के चौड़ा मैदान में अपनी मांगों को लेकर 'आग्रह रैली' की। रैली में शिमला जिले के सभी 21 शिक्षा खंडों के शिक्षकों ने भाग लिया। शिक्षकों ने प्रदर्शन के माध्यम से बीते वर्ष शिक्षा विभाग द्वारा जारी नई परिसर प्रणाली ( क्लस्टर सिस्टम) संबंधी अधिसूचना को वापस लेने की मांग उठाई। संघ पदाधिकारियों ने आरोप लगाते हुए कहा कि 23 सितंबर 2025 की अधिसूचना में प्राथमिक शिक्षा का पूर्ण प्रशासनिक नियंत्रण व संचालन प्रिंसिपल को दे दिया गया है, जो प्राथमिक शिक्षकों के हितों के खिलाफ है। पदाधिकारियों ने कहा कि वर्ष 1984 से प्राथमिक शिक्षा का अलग ढांचा कार्य कर रहा है और अलग क्लस्टर प्रणाली के तहत प्रशासनिक व्यवस्था संचालित होती रही है। नई व्यवस्था लागू होने से कार्य केंद्रीकृत हो जाएगा, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय प्राथमिक शिक्षकों को दोहरी प्रशासनिक इकाइयों के अधीन करने जैसा है और भविष्य में प्राथमिक शिक्षा ढांचे को कमजोर कर सकता है। संघ ने कहा कि जेबीटी शिक्षकों ने इन मुद्दों को लेकर कई बार शिक्षा मंत्री से मुलाकात की। उन्होंने जेबीटी शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखने के आश्वासन दिए। लेकिन मंत्री के आश्वासन के बाद भी विभाग ने उनके आश्वासन के विपरीत इस अधिसूचना को जारी किया है। शिक्षकों ने कहा कि रैली के बाद शिक्षक जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजकर अधिसूचना तुरंत वापस लेने की मांग करेंगे। शिक्षकों ने बताया कि आज प्रदेश भर में जिला स्तर पर आग्रह रैली का आयोजन किया जा रहा है। संघ ने चेतावनी दी कि यदि निर्णय जल्द वापस नहीं लिया गया तो हिमाचल प्रदेश स्तर पर उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा। प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष मनोज कुमार, महासचिव हेम प्रकाश वर्मा, कैशियर विजय भीमटा समेत सैकड़ों शिक्षक मौजूद रहे।

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