राजधानी शिमला का ऐतिहासिक मॉल रोड सिर्फ ऊपर से ही खूबसूरत नहीं है, बल्कि इसके नीचे भी अब एक बड़ी आधुनिक परियोजना आकार ले रही है। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार की जा रही भूमिगत यूटिलिटी डक्ट का काम मॉल रोड के मुख्य हिस्से तक पहुंच चुका है। अंदर से यह संरचना किसी आधुनिक टनल जैसी दिखाई देती है और इसकी तस्वीरें लोगों में खासा कौतूहल पैदा कर रही हैं। इस भूमिगत परियोजना का उद्देश्य शिमला की सड़कों और खासकर ऐतिहासिक क्षेत्र में बेतरतीब नजर आने वाली बिजली, दूरसंचार और अन्य यूटिलिटी लाइनों को भूमिगत व्यवस्था में लाना है। करीब 146.34 करोड़ रुपये की इस परियोजना का काम छोटा शिमला से शुरू किया गया है और इसे चौड़ा मैदान स्थित विली पार्क तक ले जाने की योजना है। भूमिगत डक्ट का निर्माण कार्य शिमला के मुख्य व्यावसायिक क्षेत्र यानी मॉल रोड की ओर बढ़ चुका है। मॉल रोड का वह हिस्सा, जिसे आम तौर पर शहर का सबसे प्रमुख और ऐतिहासिक क्षेत्र माना जाता है, रेलवे बोर्ड भवन से सिमला क्लब के आसपास तक फैला है। इस हिस्से में भूमिगत यूटिलिटी व्यवस्था विकसित करने को शहर के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद विभिन्न निजी और सरकारी संस्थाओं की यूटिलिटी सेवाओं को भूमिगत डक्ट के माध्यम से व्यवस्थित करने की योजना है। इससे मॉल रोड और आसपास के क्षेत्र में ऊपर दिखाई देने वाले तारों और अन्य नेटवर्क को व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है। शिमला में बिजली और दूरसंचार के तार लंबे समय से शहर की दृश्य सुंदरता को प्रभावित करने वाले मुद्दों में शामिल रहे हैं। भूमिगत डक्ट बनने के बाद इन सेवाओं को व्यवस्थित करने की संभावना है। अधिकारियों के अनुसार भविष्य में निजी संस्थाएं भी इस भूमिगत डक्ट का इस्तेमाल कर सकेंगी और इसके लिए उन्हें निर्धारित शुल्क देना होगा। शहर के ऐतिहासिक और पर्यटन महत्व को देखते हुए इस परियोजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मॉल रोड पर रोजाना बड़ी संख्या में पर्यटक और स्थानीय लोग पहुंचते हैं। ऐसे में भूमिगत यूटिलिटी नेटवर्क तैयार होने से शहर की तस्वीर और बुनियादी ढांचे में बदलाव देखने को मिल सकता है। मॉल रोड के नीचे तैयार हो रही भूमिगत संरचना की तस्वीरों में अंदर का रास्ता और इसकी आधुनिक बनावट नजर आती है। ऊपर जहां पर्यटक मॉल रोड पर घूमते और खरीदारी करते हैं, वहीं कुछ मीटर नीचे आधुनिक भूमिगत ढांचा तैयार किया जा रहा है। यही वजह है कि मॉल रोड के नीचे की इस संरचना को देखकर लोगों में भी उत्सुकता बनी हुई है कि आखिर ऐतिहासिक मॉल रोड के नीचे क्या तैयार किया जा रहा है।