खाकी के जो हाथ अपराधियों को पकड़ने और समाज की रक्षा करने के लिए उठते हैं, वही हाथ केनवस पर सुंदर चित्र उकेर कर समाज को नई दिशा देने का काम भी करते हैं। गेयटी थियेटर में मंगलवार को शुरू हुई चित्रों की प्रदर्शनी में कुछ ऐसा ही देखने को मिला। पुलिस विभाग के 12 अधिकारियों और कर्मचारियों के सुंदर चित्रों को देखकर हर कोई मंत्रमुग्ध हो रहा था। यह चित्र ही नहीं प्रदेश के युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश भी दे रहे थे। 24 घंटे की सख्त ड्यूटी होने के बावजूद इन चित्रों को तैयार करने के लिए किसी ने रातभर जागकर केनवस पर अपनी संवेदनाओं को उकेरा था। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का युवा शक्ति को इन चित्रों के माध्यम से एक ही संदेश दिया है कि नशे जैसी बुराई से बचने के लिए अपने शौक को जिंदा रखिए और ऐसा जरूर कुछ कीजिये जो आपकी सृजनात्मकता को जिंदा रखे। पुलिस कांस्टेबल आसिफ खान, कांस्टेबल हेमंत नेगी, लेडिज कांस्टेबल दीपिका पंडित और बबीता ने बताया कि पुलिस की सख्त ड्यूटी के बावजूद अपने सृजनात्मकता को जिंदा रखने के लिए समय निकालना पड़ता है। ड्यूटी के साथ जैसे ही समय मिलता है, पेंटिंग को पूरा करने का काम भी करते हैं। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अशोक तिवारी ने बीयांड द यूनिफार्म प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। पुलिस महानिदेशक ने इस दौरान स्पष्ट संदेश दिया कि नशे में संलिप्त पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने नशे के खिलाफ विशेष अभियान चलाया है। एएसपी शिमला सुनील नेगी ने कहा कि स्कूल के समय से ही चित्रकारी का शौक था लेकिन पुलिस में भर्ती होने के बाद कहीं न कहीं इसके लिए कम समय दे पा रहा था। इसके बावजूद समय निकालकर अपने शौक को जिंदा रखा। आज हमारा प्रदेश चिट्टे जैसी गंभीर समस्या से जूझ रहा है। मेरी युवाओं से अपील है कि वह अपने शौक को जिंदा रखें। यह मेडिटेशन की तरह है और आपको बेहतर इंसान बनाता है। आज नशा सामाजिक समस्या बनकर रह गया है। ऐसे में हम सभी को मिलकर इसे हराने के लिए काम करने की जरूरत है। डीएसपी गीतांजलि ठाकुर ने कहा कि प्रदेश का युवा इस समय चिट्टे जैसे जानलेवा नशे के चंगुल में फंसता जा रहा है। ब्रेकिंग द ओरबिट पेंटिंग इसी तरह के राह से भटके हुए युवाओं के वापस समाज में लौटने की कहानी को बयां करती है। इसमें नशे से पीड़ित बच्चों की घुटन, नशे की लत से बाहर निकलने की जदोजहद और अंधेरे या बुराई के आगे न झुकने तथा नशे की लत को छोड़कर उससे जीतने का रास्ता दिखाती है। प्रदेश के युवाओं से अपील है कि वह इस नशे की बुराई को हराकर जिंदगी को चुनें।