हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में कैरियर एडवांसमेंट स्कीम (सीएएस) लागू न किए जाने के विरोध में सोमवार को शिक्षकों का आंदोलन शुरू हो गया। पूरे प्रदेश में कॉलेज और विश्विद्यालयों के करीब 5000 शिक्षक एक दिन के लिए सभी कक्षाओं का बहिष्कार और प्रदर्शन कर रहे है। खराब मौसम और बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में प्राध्यापक कुलपति कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। संयुक्त कार्रवाई समिति के आह्वान पर विश्वविद्यालय और प्रदेशभर के कॉलेजों में पूर्ण शिक्षण बंद रखा गया। आंदोलन में शामिल शिक्षकों ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में अन्य वर्गों के कर्मचारियों और अधिकारियों को लगातार पदोन्नति और लाभ दिए जा रहे हैं जबकि शिक्षकों की मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है। प्रदर्शन कर रहे प्राध्यापकों का कहना है कि लंबे समय से सीएएस लागू करने की मांग लंबित पड़ी है, लेकिन प्रशासन इस दिशा में कोई गंभीर पहल नहीं कर रहा। इससे शिक्षकों में भारी असंतोष है। उनका कहना है कि शिक्षकों के हितों की अनदेखी से शैक्षणिक वातावरण भी प्रभावित हो रहा है। प्रदर्शन के दौरान हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष नितिन व्यास और सदस्यस जोगेंद्र सकलानी सहित कई शिक्षकों ने कहा कि वे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं और जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं आंदोलन जारी रहेगा। बारिश के बीच धरने पर बैठे शिक्षकों ने सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन से जल्द समाधान निकालने की मांग की। संयुक्त कार्रवाई समिति से जुड़े पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। वहीं छात्रों को भी शिक्षकों के समर्थन में आगे आने की अपील की गई है।