शिमला में गुरुवार को देवभूमि क्षत्रिय संगठन ने सचिवालय का घेराव किया। देवभूमि क्षत्रिय संगठन हिमाचल प्रदेश सरकार से सवर्ण आयोग के गठन की मांग उठा रहा है। इसके अलावा हाल ही में बढ़ाई गई अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन राशि के फैसले को भी वापस लेने की मांग की जा रही है। गौरतलब है कि दलित बेटी से शादी करने पर सरकार की तरफ से पहले 50 हजार रुपये राशि दी जाती थी और अब इसे 2 लाख रुपये कर दिया गया। देवभूमि क्षत्रिय संगठन के कुछ युवा एकत्र हुए और राज्य सचिवालय के सामने जाम लगा दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की वजह सड़क जाम हो गई और बड़ी संख्या में लोग और स्कूली बच्चे यहां फंस गए। अहम बात है कि जाम में फंसने की वजह से मासूम स्कूली बच्चे रोते हुए नजर आए। बता दें कि भारत में अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन राशि योजनाएं केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने और जातिवाद को कम करने के लिए लागू की गई हैं। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य उन जोड़ों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है, जो विभिन्न जातियों, विशेष रूप से अनुसूचित जाति (SC) और गैर-अनुसूचित जाति के बीच विवाह करते हैं।