12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) के योग अध्ययन विभाग में सोमवार से योग थेरेपी एवं वैकल्पिक चिकित्सा विषय पर सात दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यशाला का उद्घाटन कुलपति प्रो. महावीर सिंह, योगदा सोसाइटी के अध्यक्ष स्वामी कृष्णानन्द गिरी तथा वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. पंकज ललित ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम की समन्वयक एवं योग अध्ययन विभाग की सहायक आचार्य डॉ. अर्पिता नेगी ने बताया कि इस वर्ष विश्वविद्यालय का उद्देश्य योग को केवल व्याख्यानों तक सीमित न रखकर समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है। इसके तहत नौ विद्यालयों, दो गांवों, चार छात्रावासों और विश्वविद्यालय कर्मचारियों के बीच योग जागरूकता एवं अभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। योग अध्ययन विभाग की अध्यक्ष डॉ. शालिनी गुप्ता ने बताया कि इस वर्ष कार्यशाला में नवाचार के रूप में योग थेरेपी, एक्यूप्रेशर, मृदा चिकित्सा तथा अन्य वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण और प्रदर्शन भी कराया जाएगा। इससे प्रतिभागियों को इन उपचार पद्धतियों के लाभों की प्रत्यक्ष जानकारी मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान विभाग के सह-आचार्य डॉ. बिशम्बर सिंह रंजन और डॉ. सत्य प्रकाश पाठक ने योग थेरेपी एवं वैकल्पिक चिकित्सा के महत्व और स्वास्थ्य लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजन नियमित रूप से होने चाहिए और योग थेरेपी के साथ-साथ राजयोग के सिद्धांतों को भी जीवन में अपनाना आवश्यक है। इस अवसर पर सामाजिक विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता प्रो. देवदत्त शर्मा, हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. भवानी सिंह, संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. दीपाली धौल सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी, विद्यार्थी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यशाला के माध्यम से योग एवं वैकल्पिक चिकित्सा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ समाज के निर्माण का संदेश दिया गया।