करवा चौथ के पावन अवसर पर शिमला में व्रती महिलाओं को रात 8:05 बजे चंद्रमा के दर्शन होने का अनुमान है। चांद निकलने के बाद महिलाएं अर्घ्य देकर और पति के हाथों जल ग्रहण कर अपना व्रत खोलेंगी। इस पर्व को लेकर बुधवार को शिमला के बाजारों में भी रौनक देखने को मिली। महिलाएं पूजा सामग्री, शृंगार के सामान और अन्य जरूरी वस्तुओं की खरीदारी करती नजर आईं। गंज बाजार स्थित राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी उमेश नौटियाल के अनुसार, करवा चौथ की चतुर्थी तिथि 28 अक्तूबर की रात 1:06 बजे शुरू होगी और 29 अक्तूबर की रात 10:11 बजे तक रहेगी। व्रत के दिन सरगी ग्रहण करने का समय सुबह 3:30 बजे से 5:30 बजे तक बताया गया है। वहीं, पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:38 बजे से 6:56 बजे तक रहेगा। करवा चौथ पर व्रत रखने वाली महिलाएं सुबह ब्रह्म मुहूर्त में सरगी ग्रहण कर व्रत की शुरुआत करेंगी। इसके बाद वे पति की लंबी आयु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए निर्जला व्रत रखेंगी। दिनभर उपवास के बाद शाम को करवा माता की पूजा-अर्चना की जाएगी और परंपरा के अनुसार व्रत कथा सुनी जाएगी। करवा चौथ की पूजा में चंद्रमा के दर्शन का विशेष महत्व है। रात को चांद निकलने के बाद महिलाएं उसे अर्घ्य अर्पित करेंगी और अपने पति की लंबी उम्र की कामना करेंगी। इसके बाद पति के हाथों जल ग्रहण कर व्रत खोला जाएगा। शिमला में चांद निकलने का अनुमानित समय रात 8:05 बजे बताया गया है। हालांकि, चंद्रोदय का समय अलग-अलग स्थानों के अनुसार बदल सकता है। ऐसे में व्रत रखने वाली महिलाओं को अपने क्षेत्र के स्थानीय चंद्रोदय समय की भी पुष्टि कर लेनी चाहिए, ताकि पूजा और व्रत खोलने की तैयारी सही समय पर की जा सके।