प्रदेश के पांच जिलों में पांच साल से घाटे में चल रही केसीसी बैंक की शाखाएं बंद होंगी। हमीरपुर के बडू में वीरवार को कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक के 77वें साधारण अधिवेशन में यह निर्णय किया गया। अधिवेशन की अध्यक्षता बैंक के चेयरमैन कुलदीप सिंह पठानिया ने की। अधिवेशन में एक साल के कार्यों को लेकर प्रस्ताव पारित किया गया। केसीसी बैंक की प्रदेश के पांच जिलों में 217 ब्रांच चल रही हैं। इनमें से 40 के लगभग शाखाएं घाटे में चल रही हैं। सभी का विस्तृत सर्वे किया जाएगा। सर्वे के दौरान घाटे के कारणों का पता लगाया जाएगा। पांच वर्ष से लगातार घाटा पाया जाने पर शाखाओं को बंद करने या अन्य में मिलाने का निर्णय किया जाएगा। पांच जिलों में नई शाखाएं खोलने का निर्णय किया गया। 25 नई शाखाएं खोलने के प्रस्ताव बैंक को प्राप्त हुए हैं, इनको मंजूरी दी गई। अधिवेशन में दिव्यांगों के चार प्रतिशत आरक्षण के बैकलाग को पूरा करने के लिए भर्ती का फैसला किया गया। जल्द ही दिव्यांग कर्मचारियों की पदोन्नति भी होगी और 20 के करीब पद भी भरे जाएंगे। अधिवेशन में पारित प्रस्तावों पर अंतिम मुहर बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की बैठक में लगेगी। अधिवेशन में एक बार फिर सहकारी सभाओं को डिपॉजिट पर एक प्रतिशत से अधिक ब्याज देने का मुद्दा उठा। दरअसल, बैंक के 18 हजार करोड़ के डिपॉजिट में एक बड़ा हिस्सा सहकारी सभाओं का है। सभाओं के 4500 करोड़ रुपये केसीसी बैंक में जमा हैं। इस मामले में बोर्ड ऑफ डायेक्टर की बैठक में अब फैसला होगा।