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Shimla: राजधानी में शुरू हुआ लावारिस कुत्तों को स्मार्ट कॉलर लगाने का अभियान

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में सभी लावारिस कुत्तों की अब अपनी अलग पहचान होगी। नगर निगम ने शहर में लावारिस कुत्तों को क्यूआर कोड वाले स्मार्ट कॉलर लगाने का अभियान शुरू कर दिया है। शहरी विधायक हरीश जनारथा और महापौर सुरेंद्र चौहान ने शनिवार को रिज मैदान से इस अभियान की शुरुआत की। यहां विधायक और महापौर ने चार लावारिस कुत्तों को क्यूआर कोड वाले स्मार्ट कॉलर पहनाए। शिमला शहर में पहली बार लावारिस कुत्तों पर इतना बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। शहर में न सिर्फ लावारिस कुत्तों की गणना की जा रही है बल्कि उन्हें एंटी रैबीज के टीके भी लगाए जा रहे हैं। अब तक 2200 से ज्यादा लावारिस कुत्तों को नगर निगम और संस्था की चार टीमों ने टीके लगा दिए हैं। यह अभियान इस माह के अंत तक चलेगा। अनुमान है कि शिमला शहर में चार हजार से ज्यादा लावारिस कुत्ते हो सकते हैं। अब गणना में इनका पुख्ता आंकड़ा सामने आ जाएगा। कुत्तों की गणना के साथ ही इनके व्यवहार को भी देखा जा रहा है। शहरी विधायक हरीश जनारथा ने कहा कि लावारिस कुत्तों को लेकर चल रहा यह अभियान लोगों को इनके आतंक से राहत दिलाने में भी मददगार होगा। महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि सभी लावारिस कुत्तों को क्यूआर कोड वाले स्मार्ट कॉलर पहनाए जा रहे हैं। क्यूआर कोड वाले स्मार्ट कॉलर की खासियत यह है कि इसे स्कैन करते ही लावारिस कुत्ते की उम्र, सेहत, नसबंदी, टीकाकरण, इसके निवास क्षेत्र की पूरी जानकारी मिल जाएगा। इसे जीपीएस आधारित टैग लगाए जा रहे हैं। इससे कुत्तों की एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में होने वाली आवाजाही का भी पता चलेगा। नगर निगम के अनुसार शहर में हमलावर हो चुके कुत्तों को लाल कॉलर लगाए जाएंगे। यह काम अगले हफ्ते से शुरू हो सकता है। निगम ने इनके लिए कंपनी से लाल कॉलर मंगाए हैं।

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