pattan valley के गोशाल से लेकर तिंदी तक देवी-देवताओं को समर्पित Halda (खोगल) Festival धूमधाम से मनाया गया। बर्फ से लकदक पूरी घाटी मशालों की रोशनी से जगमगा उठी और लोगों ने पारंपरिक परिधानों के साथ इस रस्म को निभाया। अपने ईष्ट देवी-देवताओं की पूजा की और बाद में ग्रामीणों ने मशालों को गांव के निर्धारित स्थान पर एकत्रित कर अलाव जलाया और बुरी आत्माओं को भिन्न-भिन्न प्रकार के व्यंजन व पिंड अर्पित कर भगाया। pattan valley में Halda जिसे खोगल के नाम से जाना जाता है, पर्व की तिथि निर्धारित करने के लिए चंद्रमा के घटने-बढ़ने के पक्ष को तरजीह दी जाती है। lahaul की pattan valley में Halda Festival हर वर्ष सर्दियों के दौरान चंद्रमास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। मान्यता है कि घाटी में सर्दियों के दौरान देवता स्वर्ग प्रवास पर चले जाते हैं। ऐसे में राक्षसों तथा आसुरी शक्तियों का बोलबाला अधिक रहता है। इन्हीं आसुरी और बुरी शक्तियों से निजात पाने के लिए मशाल उत्सव का आयोजन किया जाता है।