कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव, पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं टोंक विधायक सचिन पायलट ने कहा कि यह निर्वाचन आयोग का दायित्व है देश के प्रत्येक नागरिक के मताधिकार को सुरक्षित रखें। उसे यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी नागरिक अपने मताधिकार से वंचित ना रहे। आज देश में कई जगहों से ऐसी खबरें आ रही हैं कि राजनीतिक हित साधने के उद्देश्य से मतदाता सूचियों से सैकड़ो लोगों के नाम काटने या जोड़ने के लिए बी.एल.ओ. पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। ऐसे अनुचित दबाव के चलते कई स्थानों पर तो बी.एल.ओ. आत्महत्या जैसा कदम उठाने को भी मजबूर हो गए हैं। वोट देने का अधिकार हमारी सबसे बड़ी पूंजी है और यदि कोई इसे छीनना चाहेगा तो उसे कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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आज टोंक में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण में सतर्कता के लिए लगाए गए कांग्रेस पार्टी के बीएलए की मीटिंग को संबोधित करते हुए पायलट ने ये बात कही। उन्होंने कहा कि हमारे नेता राहुल गांधी द्वारा प्रमाण सहित उजागर की गई मतदाता सूचियों की गड़बड़ियों और बिहार चुनाव में निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली से साफ हो गया है कि निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता संदेह के घेरे में है। ऐसे में अपने मताधिकार की रक्षा के लिए हमें जागरूक रहना होगा। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस को हमारे राम नाम लेने पर आपत्ति है, इस प्रश्न के जवाब में पायलट ने कहा कि सभी लोग जानते हैं कि मैं सबसे ज्यादा राम नाम लेता हूं, तो हमें फिर किस बात की परेशानी।
उन्होंने टोंक में लगे बीएलए के कार्य सराहना करते हुए कहा कि एसआईआर के कार्य में आपने जिस हिम्मत, हौसला, संयम और सजगता का परिचय दिया है, उसके लिए आप बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि जब तक मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन नहीं हो जाता, तब तक हमारा कार्य पूर्ण नहीं हुआ है। दस्तावेज के अभाव में किसी भी वैध मतदाता का नाम मतदाता सूची से ना कटे, यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।