आज हम बात कर रहे हैं सिरोही जिले के आबूरोड उपखंड के चनार ग्राम पंचायत अंतर्गत देवराजीफली में अंतिम यात्रा में भी सुकून नहीं मिल रही है। हालत यह है कि ग्रामीण अपने मृतक परिजन को जान जोखिम में डालकर बहते पानी में से गुजरने को मजबूर हैं।
देवराजीफली में करीब 50 घरों की आबादी है। यहां करीब एक किलोमीटर दूर श्मशान घाट स्थित है। ग्रामीणों को यहां तक पहुंचने के लिए प्राकृतिक बहाव के नाले में से होकर गुजरना पड़ता है। गुरुवार को यहां निवासरत केसाराम पुत्र रुपाराम गरासिया की बीमारी से मौत हो गई थी। श्मशान घाट जाने का ओर कोई रास्ता नहीं होने से ग्रामीणों को बहते पानी में से निकलना पड़ा। इस दौरान परिजनों एवं ग्रामीणों को कंधों पर अर्थी लिए गहरे पानी में से होकर गुजरना पड़ा। यह उदाहरण तो एक बानगी मात्र है। समय-समय पर इस प्रकार के मामले सामने आने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों की बेरूखी ग्रामीणों के लिए किसी अभिशाप से कम नहीं है।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस मामले में कई बार बताने के बाद भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस मामले में ग्राम पंचायत प्रशासन का कहना है कि समस्या का समाधान करवाने के लिए पुलिया बनाने का प्रस्ताव है। इस प्रस्ताव को स्वीकृति के लिए जिला परिषद को भिजवाया गया है। स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। पूर्व में आबूरोड पंचायत समिति विकास अधिकारी एवं तहसीलदार द्वारा भी मौका निरीक्षण किया जा चुका है।