कृषि मंत्री किरोड़ीलाल ने बुधवार को सरूपगंज स्थित एक बायोडीजल फैक्ट्री पर दबिश देकर बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान इकाई परिसर में भारी मात्रा में नकली बायोडीजल मिला है। आवश्यक कारवाई के बाद इसे सारा डीजल जब्त कर लिया गया है। कार्रवाई के दौरान टैक्स चोरी से जुड़ी विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं सामने आई हैं। इस मामले में अग्रिम कार्रवाई जारी है। उधर, अचानक की गई इस कारवाई से हड़कंप मच गया है।
कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा बुधवार शाम को अचानक सरूपगंज के रीको औद्योगिक क्षेत्र स्थित कोटियार्क इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड पर दबिश दी। इस दौरान वहां भारी मात्रा नकली बायोडीजल मिला। इसे डीजल बताकर बाजार में बेचा जा रहा था। आवश्यक कार्रवाई के बाद नकली बायोडीजल को जब्त कर लिया गया है। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दस्तावेज जब्त करने और विस्तृत जांच के निर्देश दिए। फैक्ट्री बिना उचित लाइसेंस और गुणवत्ता प्रमाणन के बायोडीजल का निर्माण कर रही थी। जिसे बाजार में डीजल बताकर बेचा जा रहा था। इस दौरान उनका कहना ताज कि इकाई से जुड़ा एक व्यक्ति अकेले 307 करोड़ रुपये का घोटाला कर चुका है। ऐसे करीब एक दर्जन से ज्यादा इकाईयां इस पूरे नेटवर्क में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल एक फैक्ट्री का मामला नहीं, बल्कि पूरे राज्य में चल रहे बड़े रैकेट की एक कड़ी हो सकती है।
पर्यावरणीय नियमों की भी नहीं की जा रही थी पालना
कार्रवाई के दौरान सामने आया कि इकाई में पर्यावरणीय नियम की भी पूरी तरह से अवहेलना की जा रही थी। टैक्स का भी भुगतान नहीं किया जा रहा था। इससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा था।
लोगों के साथ धोखा नहीं किया जाएगा सहन
कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि प्रदेश में किसानों और आम लोगों के साथ किसी भी प्रकार का धोखा सहन नहीं किया जाएगा। घटिया बायोडीजल के कारण किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। हम लगातार ऐसी फैक्ट्रियों पर कार्रवाई करते रहेंगे। वर्तमान में उद्योग विभाग, वाणिज्यिक कर विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को संयुक्त रूप से जांच के आदेश दिए गए हैं। आने वाले दिनों में इसी तरह की अन्य संदिग्ध फैक्ट्रियों पर भी छापेमारी की जाएगी।