सवाई माधोपुर जिले की मित्रपुरा तहसील के गुगडोद गांव की पहाड़ी पर लीजधारक द्वारा गोचर और चारागाह भूमि में लगातार अवैध खनन किए जाने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि लीजधारक ने पत्थर तोड़ने के लिए पहाड़ी पर अवैध रूप से ब्लास्टिंग भी करवाई, जिससे गांव के कई कच्चे-पक्के मकानों में दरारें पड़ गई हैं। वहीं, हाल ही में गांव की लगभग 500 वर्ष पुरानी बावड़ी भी जमींदोज हो गई।
ग्रामीणों ने लगाए अवैध खनन के आरोप
ग्रामीणों और स्थानीय पटवारी पंकज चौधरी का आरोप है कि लीजधारक ने सरकार द्वारा अलॉट किए गए खसरा नंबर 11 के बजाय खसरा नंबर 12 में अवैध रूप से खनन किया। इसके अलावा, पहाड़ी पर बार-बार होने वाली हैवी ब्लास्टिंग से मकानों और पुरानी बावड़ी को नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अवैध खनन और ब्लास्टिंग रोकने की मांग की है।
'लीजधारक को है अधिकारियों का संरक्षण'
ग्रामीण बद्रीदास स्वामी और सीताराम गुर्जर ने बताया कि लीजधारक दिन-रात अवैध खनन कर रहा है। पटवारी पंकज चौधरी ने कहा कि लीजधारक को कई बार नोटिस जारी किए गए और उच्च अधिकारियों को भी शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि लीजधारक अधिकारियों के संरक्षण में पहाड़ी पर अवैध खनन कर रहा है।
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ग्रामीणों और पटवारी के आरोप निराधार
वहीं, लीजधारक के कर्मचारी भवानी सिंह का कहना है कि खनन पूरी तरह से लीज की निर्धारित जगह पर ही किया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों और पटवारी के आरोपों को निराधार बताया और कहा कि मकानों में दरारें और बावड़ी के गिरने की घटना जर्जर हालत के कारण हुई है, न कि ब्लास्टिंग की वजह से। भवानी सिंह ने बताया कि उनके पास केवल हल्की ब्लास्टिंग की अनुमति है और प्रशिक्षित कर्मी ही इसका संचालन करते हैं।