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Kota: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने नई शिक्षा नीति पर दिया बयान, कोचिंग सेंटर नई शिक्षा नीति के हो रहे हैं खिलाफ

Sat, 12 Jul 2025 04:53 PM IST
कोटा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा

कोटा के रानपुर में ट्रिपल आईटी का चौथा दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ। दीक्षांत समारोह में शामिल होने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े कोटा पहुंचे। समारोह में दो स्टूडेंट अंकुर अग्रवाल को कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग व ध्रुव गुप्ता को इलेक्ट्रॉनिक्स कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में गोल्ड मेडल दिए। जबकि 189 स्टूडेंट्स को डिग्रियां दी गई। कार्यक्रम से पहले उपराष्ट्रपति ने एक पेड़ मां और पिता के नाम लगाया। वहीं राजस्थान के राज्यपाल हरीभाऊ बागड़े ने भी एक पेड़ मां के नाम लगाया। जिसके बाद उपराष्ट्रपति ने पूरे कैंपस का निरीक्षण भी किया।

अपने वक्तव्य के दौरान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि नई शिक्षा नीति देश को आगे ले जाने का काम करेगी। ये कोई राजनीतिक शिक्षा नीति नहीं है और न ही ये कोई सरकारी शिक्षा नीति है। ये तो राष्ट्रीय शिक्षा नीति है। जिसमें विचारधाराओं और विचारों का अभिसरण था। उन्होंने कहा कि छात्रों को ये पता होना चाहिए कि इसका क्या अर्थ है। लेकिन कोचिंग संस्थान नई शिक्षा नीति को फॉलो नहीं कर रहे हैं। कोचिंग कल्चर देश के लिए खतरनाक बन रहे हैं। यह सभी नई शिक्षा नीति के खिलाफ है। कोचिंग सेंटर अब पोचिंग सेंटर बन गए। उपराष्ट्रपति ने ये भी कहा कि नौकरी करने की जगह नौकरी देने वाला बनने के लिए काम करें। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने ये भी कहा कि भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। यहां की संपदा यूथ है और इन युवाओं की वजह से ही यह आगे बढ़ रहा है।

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वहीं प्रदेश के राज्यपाल हरीभाऊ बागड़े ने समारोह में मौजूद छात्रों से कहा कि वो रिसर्च पर काम करे। जिससे देश को काफी फायदा होगा। अपने ज्ञान और मेहनत का उपयोग समाज और देश के हित में करे। आपके अध्यापकों ने जो ज्ञान दिया है वहीं आपको मार्गदर्शन देगा। जीवन में कुछ बड़ा पाने के लिए अपने मन में कुछ सीखने की इच्छा जरूर होनी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बोलते है कि नौकरी मत करो बल्कि नौकरी देने का काम करो। इसके लिए बौद्धिक और अन्य क्षमता बढ़ानी होगी। राज्यपाल ने शिक्षा नगरी कोटा को लेकर भी कहा कि कोटा को औद्योगिक नगरी के रूप में जाना जाता है, लेकिन कुछ वर्षों से अब ये शहर शिक्षा नगरी से देश विदेश में विख्यात हो गया है। यहां पर काफी संख्या में कोचिंग संस्थान है जो छात्रों के भविष्य को संवारने का काम कर रहे है।

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