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Kota: मां चिल्लाई तो आवाज सुनकर बेटे ने अपनी जान जोखिम में डाला, जलते हुए सिलेंडर को घर से बाहर निकाला; हड़कंप

Tue, 24 Jun 2025 06:36 PM IST
कोटा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा

राजस्थान के कोटा जिले में एक मकान के अंदर सिलेंडर में आग लगने से हडकंप मच गया। जिस समय ये घटना हुई उस समय महिला रसोई में खाना बना रही थी। महिला की चीख पुकार सुनकर घर में मौजूद उनका बेटा रसोई में आया और वाइपर की मदद से जलते सिलेंडर को मकान के बाहर लाकर पटका और मां की जान बचाई। वहीं ये पूरी घटना इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। हालांकि ये पूरा घटनाक्रम 18 जून की रात का बताया जा रहा है। जो कि शहर के श्रीपुरा इलाके से सामने आया है। इस घटना में बेटे का हाथ भी जल गया था। जिसको बाद में अस्पताल में उपचार के लिए लाया गया।

शाहनवाज अख्तर ने बताया वो अग्निशमन विभाग में काम करता है और उसकी पोस्टिंग बारां में है और वो 18 जून की शाम हो ही घर पर आया था। रात को शाहनवाज की मां रसोई में खाना बना रही थी। पिता, भाई और घर के अन्य सदस्य घर के बाहर ही थे। अचानक मां के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। इस पर वो रसोई में गया और सिलेंडर पर कपड़ा डालकर आग बुझाने की कोशिश की। लेकिन इसके बाद भी सिलेंडर से आग की लपटें लगातार निकल रही थी। जिसके बाद शाहनवाज ने वाइपर के जरिए सिलेंडर को खींचा और दौड़ते हुए उसे मकान के बाहर लाया।

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वहीं अचानक हुए इस घटनाक्रम के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई। चीखने चिल्लाने की आवाज से गली में लोगों की भीड़ लग गई। इस दौरान फायरमैन शाहनवाज ने गली में जलते सिलेंडर को पटका और बाल्टियों से पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की। ऐसे में काफी मशक्कत के बाद आग काबू पाया जा सका। इस जद्दोजहद में भाई शाहनवाज का दाहिना हाथ झुलस गया। जिसे निजी हॉस्पिटल लेकर गए। वहीं डॉक्टर ने ईसीजी की तो हार्ट में प्रॉब्लम बताई। ब्लॉकेज के कारण उसी रात को एक स्टंट डाला गया। 5 दिन आईसीयू में भर्ती रहे। अब शाहनवाज की तबीयत ठीक है। समय रहते सिलेंडर को बाहर नहीं निकालते तो बड़ा हादसा हो सकता था।

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