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Kota News : किसानों को समय पर खाद नहीं मिलने पर ऊर्जा मंत्री ने जताई नाराजगी, हुए सख्त; जानें क्या कहा?

Sun, 30 Nov 2025 08:50 PM IST
कोटा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा

कोटा दौरे पर मौजूद ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने रविवार को सर्किट हाउस में जिला कलेक्टर, कृषि विभाग, सहकारिता एवं फर्टिलाइजर आपूर्ति करने वाली कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ जिले में यूरिया की आपूर्ति की समीक्षा की। उन्होंने शिक्षा विभाग एवं पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के साथ सांगोद विधानसभा क्षेत्र में एसडीआरएफ के तहत स्कूलों की मरम्मत कार्य की प्रगति की भी समीक्षा की।

ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि दिसंबर माह के पहले सप्ताह में जिले में यूरिया की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी ताकि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि सीएफसीएल (चंबल फर्टिलाइजर एंड केमिकल्स लि.) द्वारा अगले सप्ताह 1000 मेट्रिक टन यूरिया की प्रतिदिन आपूर्ति की जाएगी, जिसे ग्राम सेवा सहकारी समिति एवं क्रय विक्रय सहकारी समिति के माध्यम से सीधे किसानों तक पहुंचाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यूरिया की कालाबाजारी रोकने के लिए सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को सीधे फर्टिलाइजर की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है।

ऊर्जा मंत्री ने बैठक के दौरान ही प्रमुख शासन सचिव कृषि एवं सहकारिता मंजू राजपाल से बात की और उनसे कोटा जिले के लिए फर्टिलाइजर आवंटन बढ़ाने को कहा। उन्होंने कहा कि कोटा जिले की मांग 95 हजार मेट्रिक टन खाद की थी लेकिन 74 हजार मेट्रिक टन ही आवंटित किया गया था। ऐसे में जिले में एक साथ हुई रबी सीजन की बुवाई को देखते हुए यूरिया का आवंटन बढ़ाया जाए। प्रमुख शासन सचिव, कृषि ने बताया है कि केंद्र सरकार को 50 हजार मेट्रिक टन अतिरिक्त फर्टिलाइजर आवंटन के लिए लिखा गया है। अतिरिक्त आवंटन की स्वीकृति मिलने पर कोटा जिले को भी अतिरिक्त आवंटन किया जाएगा।

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि सांगोद विधानसभा क्षेत्र के 188 स्कूल भवनों का पीडब्ल्यूडी अभियंताओं द्वारा किए गए सर्वे में 12 स्कूल भवनों को पूरी तरह जर्जर अथवा गिराने योग्य माना गया है। इसके अलावा 66 भवनों में 2 से 5 लाख रुपये तक मरम्मत कार्य कराए जाने और 84 स्कूलों में 5 से 10 लाख रुपये के मरम्मत कार्यों की आवश्यकता है।

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ऊर्जा मंत्री ने कहा कि एसडीआरएफ के तहत 2 लाख रुपये प्रति स्कूल मरम्मत कार्यों के लिए मिले हैं, उनसे प्राथमिकता के आधार स्कूल छत रिपेयरिंग के कार्य करवाए जाएंगे। इसके अलावा मेजर रिपेयरिंग कार्यों के लिए अतिरिक्त राशि की आवश्यकता है, उसकी व्यवस्था सीएसआर फंड, एमएलए फंड और भामाशाहों के माध्यम से की जाएगी।

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