राजस्थान के कोटा जिले में पानी बचाओ संकल्प अभियान के तहत भारतीय किसान संघ ने सुल्तानपुर नगर में स्थित रक्तया भेरुजी तालाब में जल सत्याग्रह शुरू किया। संघ के पदाधिकारियों ने जल संसाधन विभाग और प्रशासन के आला अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग करते हुए समस्याओं के समाधान की अपील की। सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और पानी में बैठे पदाधिकारियों से समझाइश की कोशिश की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका।
संघ के जिलाध्यक्ष जगदीश कलमंडा ने बताया कि पिछले दो दिन से रक्तया भेरुजी तालाब से पानी की निकासी कर उसे नाले के रास्ते खाड़ी में डाला जा रहा है, जिससे वह पानी चंबल नदी में मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जिले में भीषण गर्मी का प्रकोप है, ऐसे में पशु-पक्षियों, जीव-जंतुओं और आमजन के लिए पानी की आवश्यकता बढ़ गई है। इस समस्या को लेकर उपखंड अधिकारी दीगोद को अवगत कराया गया था, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। मजबूरी में संघ ने जल सत्याग्रह का रास्ता अपनाया है।
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जगदीश कलमंडा ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि एक ओर सरकार संरक्षण और जलसंरक्षण को बढ़ावा देने के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर रही है, तो दूसरी ओर अधिकारियों की उदासीनता के कारण आमजन को परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने बताया कि रक्तया भेरुजी तालाब के विकास कार्य के लिए अब तक 5 से 6 बार पानी की निकासी की जा चुकी है, फिर भी कार्य अधूरा है। उन्होंने मांग की कि ऐसी योजना बनाई जाए, जिससे गर्मी के मौसम में यह पानी पशु-पक्षियों और स्थानीय लोगों के उपयोग में आ सके।
गौरतलब है कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रयासों से रक्तया भेरुजी तालाब के सौंदर्यीकरण और पिचिंग कार्य के लिए करीब एक करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। पिछले साल से इसका कार्य शुरू हुआ था, लेकिन भुगतान में देरी के कारण ठेकेदार ने काम बंद कर दिया। अब पुनः कार्य शुरू कर दिया गया है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि तालाब की निकासी नहीं रोकी गई और जल संरक्षण की दिशा में कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।