जिले के मंडरायल क्षेत्र में यूरिया खाद की भारी किल्लत से परेशान किसानों का सब्र अंततः टूट गया। शुक्रवार को क्षेत्रभर के सैकड़ों किसानों ने भाजपा नेता मनोज सिंह के नेतृत्व में उपखंड कार्यालय पहुंचकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए खाद आपूर्ति व्यवस्था में तुरंत सुधार की मांग की।
किसानों का आरोप है कि खाद-बीज की 10 अधिकृत दुकानों में से केवल एक दुकान ही नियमित रूप से खोली जा रही है। इस स्थिति में उस एकमात्र दुकान पर ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ती है और किसानों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। वहीं अन्य 9 दुकानों पर दिन के समय ताले लटके रहते हैं, जबकि रात के अंधेरे में इन्हीं दुकानों से कालाबाजारी के जरिए खाद बेचे जाने का गंभीर आरोप भी किसानों ने लगाया है।
ग्रामीणों ने कहा कि यूरिया की कमी और कालाबाजारी के कारण समय पर खाद नहीं मिल पा रही है, जिससे फसलों पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई नहीं की तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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किसानों ने ज्ञापन में मांग की कि सभी दुकानों को निर्धारित समय पर खोलना अनिवार्य किया जाए और दुकानों के बाहर खाद की बिक्री दर स्पष्ट रूप से चस्पा की जाए, ताकि किसानों को सही मूल्य पर खाद मिल सके और कालाबाजारी पर रोक लगे।
उपखंड कार्यालय के बाहर इस बात को लेकर घंटों तक विरोध जारी रहा, जिसमें किसानों ने खाद संकट के लिए जिम्मेदार अधिकारियों व दुकानदारों पर कार्रवाई की मांग की। किसानों का कहना है कि सरकार की योजनाओं और निर्देशों के बावजूद जमीनी स्तर पर अव्यवस्था हावी है, जिससे किसान लगातार नुकसान झेल रहे हैं।
किसानों के बढ़ते रोष और प्रदर्शन ने क्षेत्र में खाद वितरण प्रणाली की पोल खोलकर रख दी है। अब प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।