जोधपुर की महामंदिर थाना पुलिस ने अवैध हथियारों की तस्करी और हत्या की साजिश का खुलासा करते हुए उदयपुर के कुख्यात हिस्ट्रीशीटर नरेश और उसके साथी अमन वाल्मीकि को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन पिस्टल, दो जिंदा कारतूस और एक कार बरामद की है। दोनों आरोपी उदयपुर के हार्डकोर अपराधी प्रवीण कसेटा की हत्या की साजिश रच रहे थे।
पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने बताया कि संगठित अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। डीसीपी पीडी नित्या की मॉनिटरिंग में बीट कांस्टेबल प्रकाश द्वारा जुटाई गई सूचना पर पुलिस ने दबिश दी और दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार नरेश के खिलाफ 37 आपराधिक मामले दर्ज हैं और उस पर उदयपुर पुलिस ने 50 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। वहीं अमन वाल्मीकि के खिलाफ भी 6 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों के खिलाफ संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (धारा 111) के तहत कार्रवाई की है।
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पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे मध्यप्रदेश से हथियार खरीदकर लाए थे और खुद की गैंग बना रखी थी। आरोपी नरेश ने बताया कि वह यहां भदवासिया इलाके में एक शमशान में कई दिनों तक रुका उसकी गतिविधियां आसपास के लोगों को संदिग्ध लगीं और उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी इसके बाद से लगातार नरेश पर नजर रखी जा रही थी और आखिरकार पुलिस ने उसे पकड़ लिया। अब दोनों आरोपियों के स्थानीय संपर्कों और नेटवर्क की जांच की जा रही है। बरामद हथियारों को एफएसएल के लिए भेजा गया है।
पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने बताया कि कार्रवाई में साहस और सतर्कता दिखाने पर बीट कांस्टेबल प्रकाश का नाम गैलेंट्री अवॉर्ड की सिफारिश के लिए भेजा जा रहा है।
इस ऑपरेशन में थाना अधिकारी देवेंद्र सिंह देवड़ा और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का मानना है कि अगर समय रहते यह कार्रवाई नहीं होती तो प्रदेश में एक बड़ी आपराधिक वारदात हो सकती थी।