फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajasthan: शहीद इकबाल सुपुर्द-ए-खाक, सैन्य अफसरों ने 10 साल की बेटी को सौंपा तिरंगा, यह नजारा देख हर कोई रोया

Thu, 28 Aug 2025 05:30 PM IST
झुंझुनू ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झुंझुनू

देश की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले झुंझुनू के लालपुर के वीर सपूत हवलदार इकबाल खान (42) को गुरुवार को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) में 10 हजार फीट की ऊंचाई पर ड्यूटी के दौरान 26 अगस्त को शहीद हुए इकबाल का पार्थिव शरीर गुरुवार को झुंझुनूं पहुंचा, जहां जिला मुख्यालय से लालपुर तक तिरंगा यात्रा निकाली गई। दोपहर करीब 12:30 बजे गमगीन माहौल में शहीद इकबाल खान को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान सेना के अधिकारियों ने शहीद की 10 वर्षीय बेटी मायरा को तिरंगा सौंपा। यह देखकर सभी की आंखों से आंसू झलक आए। 

2003 में सेना में भर्ती, 21 ग्रेनेडियर यूनिट में दे रहे थे सेवाएं
15 जनवरी 2003 को भारतीय सेना में भर्ती हुए इकबाल खान 21 ग्रेनेडियर यूनिट में हवलदार पद पर सेवाएं दे रहे थे। करीब 16 साल पहले उनका निकाह बुड़ाना गांव की नसीम बानो से हुआ था। परिवार में पत्नी नसीम बानो, 10 साल की बेटी मायरा, मां, दो भाई और बहन शामिल हैं। सेना के मेजर सुनील कुमार सिंह ने बताया कि इकबाल खान की ड्यूटी बेहद कठिन परिस्थितियों में थी। 26 अगस्त की सुबह करीब 5 बजे गश्त के दौरान अचानक उन्हें सीने में तेज दर्द हुआ। मेडिकल मदद पहुंचने से पहले उन्होंने आखिरी सांस ली।

तीन पीढ़ियों की सैन्य परंपरा
इकबाल खान के परिवार का देश सेवा से गहरा नाता है। उनके पिता यासीन खान भारतीय सेना में हवलदार पद से सेवानिवृत्त हुए, जबकि दादा अफजल खान भी आर्मी में अपनी सेवाएं दे चुके थे। उनके चाचा वर्तमान में राजस्थान पुलिस में कार्यरत हैं।

जनाजे में उमड़ा जनसैलाब
शहीद जनाजे में ग्रामीणों, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों का हुजूम उमड़ पड़ा। झुंझुनू सांसद बृजेन्द्र ओला, पिलानी विधायक पीतराम काला, झुंझुनू विधायक राजेन्द्र भांबू, उदयपुरवाटी विधायक भगवानराम सैनी, अल्पसंख्यक कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष एम.डी. चोपदार, जिला कलेक्टर अरुण गर्ग, एसपी बृजेश उपाध्याय समेत कई जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने शहीद को श्रद्धांजलि दी।

ये भी पढ़ें: किरोड़ी-हनुमान भिड़े, जुबानी जंग से लेकर गाली-गलौज तक हुई, धमकी और आरोप का ऑडियो वायरल

इकबाल की शहादत पर पूरे इलाके को गर्व
शहीद की पार्थिव देह घर पहुंचते ही बहन रुबीना फफक-फफककर रो पड़ीं, जबकि पत्नी नसीम बानो और बेटी मायरा का रो-रोकर बुरा हाल था। गांव के बुजुर्गों ने कहा कि इकबाल की शहादत पर पूरे इलाके को गर्व है, उनका नाम हमेशा स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा।

ये भी पढ़ें:मौत का लाइव वीडियो, चौराहा पार करते समय कैंपर ने मारी टक्कर, तीन फीट उछला बाइक सवार दूर जा गिरा, मौके पर मौत
 

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें