झुंझुनूं जिले के पिलानी में गुरुवार दोपहर उस समय हलचल मच गई, जब एक सेना का हेलीकॉप्टर अचानक आई तकनीकी खराबी के कारण इमरजेंसी लैंडिंग करने को मजबूर हो गया। जयपुर की ओर जा रहा यह हेलीकॉप्टर सामान्य उड़ान पर था। तभी पिलानी क्षेत्र के ऊपर पहुंचते ही इसमें तकनीकी समस्या उत्पन्न हो गई। स्थिति को भांपते हुए पायलट ने तुरंत सतर्कता दिखाई और आस-पास के इलाके का निरीक्षण किया। इस दौरान उसे पिलानी स्थित हेलीपैड उपयुक्त स्थान के रूप में नजर आया, जिस पर बिना किसी देरी के सुरक्षित लैंडिंग कर दी गई। पायलट की सूझबूझ और त्वरित निर्णय के कारण किसी प्रकार की दुर्घटना या जनहानि नहीं हुई।
हेलीकॉप्टर के लैंड होते ही सेना के जवानों ने पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरा बनाकर सुरक्षित कर लिया। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए जवानों ने घटना के संबंध में अतिरिक्त जानकारी साझा करने से इनकार किया। हालांकि स्थानीय लोगों के बीच हेलीकॉप्टर की अचानक लैंडिंग को लेकर जिज्ञासा बनी रही और कुछ देर के लिए आसपास की गतिविधि भी बढ़ गई।
घटना की जानकारी मिलते ही बिरला एजुकेशन ट्रस्ट (BET) के डायरेक्टर मेजर जनरल (रिटायर्ड) एस.एस. नायर तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने हेलीकॉप्टर में मौजूद सेना के अधिकारियों और जवानों से बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली। सेना की ओर से बताया गया कि लैंडिंग के बाद तकनीकी खराबी का परीक्षण किया गया और इसकी आधिकारिक सूचना उड्डयन विभाग को भी दे दी गई है, ताकि आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा सके।
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उधर, सूचना मिलते ही पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी। कुछ समय तक हेलीपैड क्षेत्र आम लोगों की आवाजाही से पूरी तरह मुक्त रखा गया। तकनीकी टीम ने हेलीकॉप्टर की खराबी को दूर करने के लिए मौके पर ही आवश्यक जांच और सुधार कार्य किया। कुछ देर के इंतजार और तकनीकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद हेलीकॉप्टर एक बार फिर उड़ान के लिए तैयार किया गया। सभी सुरक्षा मानकों के पूरा होने के बाद हेलीकॉप्टर ने दोबारा सुरक्षित उड़ान भरी और अपने निर्धारित गंतव्य की ओर रवाना हो गया। पायलट और तकनीकी दल के त्वरित और सटीक कार्रवाई के चलते यह संभावित संकट टल गया।