जालौर जिले के सांचौर क्षेत्र में गुजरात सीमा से पहुंचे पैंथर को लेकर लोगों में दहशत का माहौल जारी था, लेकिन 24 घंटे बाद वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत सफलतापूर्वक पैंथर को रेस्क्यू किया गया। बता दें कि पिछले दो दिनों से सांचौर क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में पैंथर के पहुंचने से लोगों में दहशत का माहौल था।
वन विभाग जोधपुर की टीम को पैंथर के आने की सूचना के बाद जोधपुर से पहुंची रेस्क्यू ऑपरेशन टीम ने करीब 24 घंटे तक ऑपरेशन चलाया, लेकिन कल देर शाम तक टीम को सफलता हाथ नहीं लगी। अंधेरे के वजह से ऑपरेशन को रोकना पड़ा। लेकिन दूसरे दिन सुबह से ही पैंथर के पगमार्क के आधार पर खोजबीन जारी रखी और पिंजरा लगाया गया जिसमें कई घंटे तक पैंथर को पकड़ने में सफलता नहीं मिली। इसके बाद एक खेत में पैंथर सेई के बिल में पहुंच गया, वहां बकरी के बच्चे की रोने की आवाज को सुनकर दूसरी ओर भागने लगा तो मौके मौजूद रेस्क्यू टीम ने ट्रेंकुलाइज कर सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया।
रानीवाड़ा रेंजर मनोहर खा ने बताया कि अरणाय के गुड़ावाडी में पैंथर के पगमार्क मिले, इसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रखा। पग मार्ग के आधार पर खेत के पास सेई के बिल में पैंथर के घुसने के बाद पिंजरा लगाया गया और उसके अंदर बकरी के बच्चे को रखा, लेकिन पैंथर को रेस्क्यू करने के लिए टीम ने निगरानी रखी, लेकिन कोई हलचल नहीं हुई। काफी देर बाद पैंथर बिल की दूसरी ओर भागने लगा तो रेस्क्यू टीम ने ट्रेंकुलाइज किया गया। फिलहाल सफलतापूर्वक पैंथर को रेस्क्यू कर लिया गया है।