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Hanumangarh News: लगातार बरसात से जनजीवन अस्त-व्यस्त, जगह-जगह पानी भरा, मक्कासर में ग्रामीणों ने खाली किए घर

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हनुमानगढ़ Updated Wed, 09 Jul 2025 05:49 PM IST

हनुमानगढ़ जिले में पिछले 9 घंटों से जारी रुक-रुककर हो रही तेज व मध्यम बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक जलभराव की विकट स्थिति उत्पन्न हो गई है।

जिले में पिछले 9 घंटों से रुक-रुककर हो रही तेज और मध्यम बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक जलभराव की विकट स्थिति उत्पन्न हो गई है। प्रशासनिक कार्यालयों से लेकर आमजन के घरों तक पानी भर जाने से लोग बेहद परेशान हैं। नगर परिषद के जल निकासी के तमाम दावे इस बारिश में ध्वस्त होते नजर आ रहे हैं।

जिले की प्रशासनिक कार्यप्रणाली भी बारिश की मार से अछूती नहीं रही। जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) एवं कलेक्टर कार्यालय परिसर में कई फीट तक पानी भर गया, जिससे वहां आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शहर के विभिन्न रेलवे अंडरब्रिजों में पानी भरने के कारण वाहन चालकों को आवाजाही में कठिनाई हो रही है। कई अंडरपास पूरी तरह से बंद हो गए हैं, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई है।

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ग्रामीण क्षेत्रों में हालात और भी भयावह हैं। शहर से सटे गांव मक्कासर गांव में मंगलवार तड़के करीब 3 बजे से हो रही भारी बारिश के चलते जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। लगातार हो रही तेज बारिश के कारण गांव के निचले इलाकों में 5 से 10 फीट तक पानी भर गया, जिससे दर्जनों मकान जलमग्न हो गए और लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करना पड़ा। सूचना पर एसडीएम मांगीलाल भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

गांव के निवासी कालूराम ने बताया कि बारिश के पानी ने मेरे पूरे घर को डुबो दिया है। अब अपने परिवार सहित गांव के सरकारी स्कूल में शरण ली है। ग्रामीणों का कहना है कि उनके घरों में रखा गेहूं, राशन और अन्य आवश्यक सामान पूरी तरह से खराब हो गया है। कई परिवारों के पास खाने-पीने तक की व्यवस्था नहीं बची है।

आपात स्थिति को देखते हुए पूर्व सरपंच गणपत सिंह सहित गांव के अन्य लोगों ने राहत कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने प्रभावित लोगों को जलमग्न घरों से सुरक्षित बाहर निकाला और उनका सामान सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। फिलहाल दर्जनों परिवार गांव के सरकारी स्कूल में अस्थायी रूप से रह रहे हैं।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अविलंब राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, दवाई तथा मुआवज़े की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक पानी पूरी तरह नहीं निकलता, तब तक उनके लिए घरों में वापस लौटना संभव नहीं है।

मकान की छत गिरने से महिला की मौत

हनुमानगढ़ जंक्शन के 2 केएनजे क्षेत्र में स्थित आईटीआई बस्ती के पीछे रहने वाली महिला मलकीत कौर के कच्चे मकान की छत भारी बारिश के चलते ढह गई। जिससे मलबे के नीचे दबने से मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

इधर पीडब्ल्यूडी कॉलोनी सहित कई अन्य सरकारी आवासीय क्षेत्रों में भी कई फीट तक पानी भर गया है। जलभराव के चलते सरकारी अधिकारी और कर्मचारी अपने ही आवासों में फंसे हुए हैं। आवश्यक कार्यों में भी व्यवधान उत्पन्न हो रहा है। नगर परिषद द्वारा हर वर्ष मानसून से पहले जल निकासी की व्यवस्था सुचारू होने के दावे किए जाते हैं, किंतु इस बार की बारिश ने सारे दावों की पोल खोल दी है। नालों की सफाई न होने और जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण शहर में हर तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है।
  लगातार बरसात से जनजीवन अस्त-व्यस्त, जगह-जगह पानी भरा  

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