जिले में पिता-पुत्र की हत्या के बहुचर्चित मामले में न्यायालय ने दो महिलाओं सहित आठ आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक पर 20 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में एक वर्ष के अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। मामले में राज्य सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक अनामिका सांदू ने पैरवी की।
मामले की जानकारी देते हुए अपर लोक अभियोजक अनामिका सांदू ने बताया कि 24 मई 2023 को घायल पताराम ने अस्पताल में दिए पर्चा बयान में बताया था कि वह 23 मई 2023 को जोधपुर से अपनी बेटी के घर बाड़मेर आया था। वह अपनी बेटी की ननद अनिता के घर ठहरा हुआ था। वहां अनिता के अलावा जरीना पत्नी भैराराम भी मौजूद थी। अनिता के बच्चे और उसका पुत्र मदन भी वहीं सो रहे थे।
रात को खाना खाने के बाद सभी सो गए। आधी रात को अनिता का पति रावताराम उर्फ राजू, शंकरा, कानाराम, इरफान, वशीराम, भैराराम, जरीना और तगी सहित अन्य लोग आपराधिक षड्यंत्र के तहत हथियारों से लैस होकर वाहन में सवार होकर पहुंचे। आरोपियों ने आते ही मदन पर जानलेवा हमला कर उसकी हत्या कर दी। बीच-बचाव करने पर पताराम पर भी जान से मारने की नीयत से हमला किया गया और उन्हें मृत समझकर आरोपी मौके से फरार हो गए। दोनों घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां मदन को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल पताराम का उपचार जारी रहा, लेकिन करीब 11 माह बाद इलाज के दौरान उनकी भी मृत्यु हो गई।
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पुलिस ने पर्चा बयान के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में प्लॉट विवाद और पारिवारिक संदेह की बात सामने आई, हालांकि अवैध संबंधों के आरोप का कोई ठोस प्रमाण न्यायालय में प्रस्तुत नहीं हो सका। अनुसंधान अधिकारी ने जांच पूरी कर आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। न्यायिक प्रक्रिया के दौरान अभियोजन पक्ष ने 33 गवाहों के बयान दर्ज कराए तथा 147 दस्तावेज और 21 वस्तुएं साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत कीं।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संख्या-2, बाड़मेर श्री पीयूष चौधरी ने रावताराम उर्फ राजू सहित कुल आठ आरोपियों शंकरा, कानाराम, इरफान उर्फ पठान, वशीराम, भैराराम, जरीना और तगी को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया और सभी दोषियों को आजीवन कारावास एवं 20 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड की अदायगी नहीं करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।