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Balotra: जेरला औद्योगिक क्षेत्र में सीवर मैनहोल की अधिकारियों ने की जांच, हटाए गए रासायनिक अपशिष्ट के पाइप

Tue, 06 Jan 2026 05:39 PM IST
बालोतरा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालोतरा

जेरला औद्योगिक क्षेत्र में नगर परिषद की सीवर व्यवस्था के खुलेआम दुरुपयोग का गंभीर मामला सामने आने के बाद नगर परिषद ने सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक जांच अभियान चलाया। इस कार्रवाई में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि क्षेत्र में संचालित कई औद्योगिक इकाइयों ने नियमों की अनदेखी करते हुए अपने कारखानों से निकलने वाले रासायनिक अपशिष्ट युक्त पानी को सीधे नगर परिषद की सीवर लाइन से जोड़ रखा था। मैनहोलों की कराई गई गहन जांच 
नगर परिषद द्वारा औद्योगिक क्षेत्र में स्थित मुख्य सीवर मैनहोलों की गहन जांच कराई गई, जिसमें कई स्थानों पर फैक्ट्रियों से जुड़े अवैध पाइप स्पष्ट रूप से पाए गए। इन पाइपों के माध्यम से बिना किसी शोधन प्रक्रिया के रासायनिक पानी सीवर लाइन में छोड़ा जा रहा था, जो नगर की सीवर प्रणाली, पर्यावरण संतुलन और आमजन के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुका था। आयुक्त ने जताई सख्त नाराजगी
नगर परिषद आयुक्त रामकिशोर मेहता ने बताया कि जांच के दौरान यह स्पष्ट हो गया कि अधिकांश औद्योगिक इकाइयों ने न तो नगर परिषद से कोई अनुमति ली थी और न ही प्रदूषण नियंत्रण मानकों का पालन किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि सीवर लाइन घरेलू अपशिष्ट के लिए बनाई जाती है, न कि खतरनाक रासायनिक कचरे के निस्तारण के लिए। आयुक्त के अनुसार, औद्योगिक अपशिष्ट सीधे सीवर में छोड़े जाने से पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त होने, सीवर जाम होने और दूषित पानी के खुले वातावरण में फैलने की आशंका लगातार बनी हुई थी। इससे भूजल स्रोतों के प्रदूषित होने का भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता था। मौके पर तोड़े गए अवैध कनेक्शन
जांच के तुरंत बाद नगर परिषद की टीम ने बिना समय गंवाए कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से जोड़े गए रासायनिक पानी के पाइपों को मौके पर ही काटकर हटाया। इस दौरान संबंधित फैक्ट्रियों के संचालकों को कड़ी चेतावनी दी गई कि भविष्य में इस तरह की अनियमितता दोहराई गई तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नगर परिषद अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नियमों से खिलवाड़ करने वालों के साथ किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। प्रदूषण नियंत्रण मंडल को भेजी जाएगी रिपोर्ट
नगर परिषद द्वारा अब उन सभी औद्योगिक इकाइयों की सूची तैयार की जा रही है, जो अवैध रूप से सीवर लाइन का उपयोग कर रही थीं। इन इकाइयों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के लिए राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल (RPCB) को विस्तृत पत्र भेजा जाएगा। प्रदूषण नियंत्रण मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर संबंधित फैक्ट्रियों पर भारी जुर्माना, कारण बताओ नोटिस, उत्पादन पर रोक अथवा अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। ट्रीटमेंट प्लांट अनिवार्य, कानून तोड़ना अपराध
नगर परिषद आयुक्त ने दो टूक शब्दों में कहा कि प्रत्येक औद्योगिक इकाई के लिए अपने अपशिष्ट जल के निस्तारण हेतु निर्धारित मानकों के अनुसार ट्रीटमेंट प्लांट संचालित करना अनिवार्य है। बिना शोधन के रासायनिक पानी सीवर में छोड़ना कानूनन अपराध है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस तरह की लापरवाही से न केवल नगर की आधारभूत संरचना को नुकसान पहुंचता है, बल्कि आम नागरिकों के स्वास्थ्य पर भी दूरगामी दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं। आगे भी जारी रहेगा निरीक्षण अभियान
नगर परिषद ने संकेत दिए हैं कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है। आने वाले दिनों में औद्योगिक क्षेत्र में नियमित निरीक्षण अभियान चलाए जाएंगे और नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी। नगर परिषद का स्पष्ट संदेश है कि पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और सीवर व्यवस्था के दुरुपयोग पर अब कड़ा शिकंजा कसा जाएगा।

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