अलवर के पॉक्सो कोर्ट संख्या एक ने नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आरोपी को दोषी मानते हुए 20 साल की सजा सुनाई है। साथ ही आर्थिक दंड से भी दंडित किया है। न्यायालय के अधिवक्ता विनोद कुमार ने बताया कि अलवर के रेणी थाना क्षेत्र में पीड़िता दूध लेकर घर लौट रही थी। इस दौरान लोकेश नाम का आरोपी उसे अपने साथ खेत में ले गया और खेत में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया।
पीड़िता ने घर पहुंचकर घटना की जानकारी परिजनों को दी। परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज करते हुए पीड़िता का मेडिकल करवाया और आरोपी को गिरफ्तार किया। इसके बाद मामला न्यायालय में चला। न्यायालय में 18 गवाह और 24 दस्तावेज पेश किए गए, जिसके आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए 20 साल की सजा सुनाई है। साथ ही 30 हजार रुपये के आर्थिक दंड से दंडित किया है।
यह मामला रैणी थाना पुलिस द्वारा पॉक्सो कोर्ट संख्या एक में सुनवाई के लिए पेश किया गया था।यह प्रकरण दंड संहिता की धारा 363 और 366 के अलावा 3/4 पॉक्सो एक्ट में न्यायालय में पेश किया गया था, जिसमें गवाहों के बयान और कोर्ट में पेश दस्तावेजों के आधार पर कोर्ट ने यह सजा सुनाई है। इनमें 3/4 पॉक्सो एक्ट में सर्वाधिक 20 साल के कठोर कारावास की सजा दी है। जबकि अन्य बाकी दो धाराओं में पांच वर्ष और दो वर्ष के कारावास की सजा दी है।
ये सभी सजा एक साथ चलेगी अर्थात आरोपी को बीस साल तक कठोर कारावास की सजा भुगतनी होगी। इसके अलावा तीनों धाराओं में अर्थदंड भी अलग-अलग दिया गया है, जो कुल मिलाकर तीस हजार रुपये होता है। यानी आरोपी को बीस साल के कठोर कारावास की सजा और कुल मिलाकर तीस हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया है।