अलवर पॉक्सो कोर्ट संख्या दो ने शुक्रवार को नाबालिगों से दुष्कर्म के दो अलग-अलग मामले में मृत्यु पर्यंत आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों आरोपियों को दो-दो लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। इनमें एक मामला राजगढ़ थाना क्षेत्र का शामिल है, जिसमें सरकारी स्कूल के एक अध्यापक ने अपनी छात्रा को ही अपनी हवस का शिकार बना डाला था। दूसरा मामला नारायणपुर का है, जहां एक दुकानदार ने टॉफी के बहाने बच्ची को बुलाकर दुष्कर्म कर डाला। इन दोनों मामलों में पॉक्सो कोर्ट दो ने आरोपियों को अंतिम सांस तक कारावास और दो-दो लाख के अर्थ दंड से दंडित किया है।
विशिष्ट लोक अभियोजक पंकज यादव ने बताया कि पॉक्सो कोर्ट संख्या दो ने दो अलग-अलग प्रकरणों में फैसला दिया है। इसमें राजगढ़ थाना क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल में टीचर द्वारा छात्रा के साथ दुष्कर्म मामले में आरोपी टीचर भगवती को न्यायालय ने अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए दो लाख के जुर्माने से दंडित किया है। वहीं, नारायणपुर थाना क्षेत्र के दूसरे मामले में एक दुकानदार को मृत्यु पर्यंत कारावास की सजा सुनाते हुए दो लाख के जुर्माने से दंडित किया है। आरोपी दुकानदार ने आठ साल की बालिका को कुरकुरे और टॉफी के बहाने दुकान पर बुलाकर दुष्कर्म कर दिया था। इस पर पीड़िता के परिजनों ने थाने में मामला दर्ज कराया था।
प्रकरण में आरोपी जगदीश को गिरफ्तार किया गया और कोर्ट में चालान पेश किया गया। इस पर न्यायालय ने आरोपी जगदीश को अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए दो लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। राजगढ़ के प्रकरण में यह सामने आया कि सरकारी टीचर भगवती ने अपनी स्कूल में पढ़ने वाली छात्रा को अच्छे अंकों का प्रलोभन देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके चलते न्यायालय ने सरकारी अध्यापक भगवती को भी अंतिम सांस तक सजा और दो लाख रुपये का आर्थिक दंड की सजा सुनाई है।