अलवर शहर में भीषण गर्मी से पानी संकट गहरा गया है। हर दिन लोग मिनी सचिवालय अथवा जलदाय विभाग के दफ्तर पर पहुंच रहे हैं और धरना प्रदर्शन भी कर रहे हैं। सरकार ईआरसीपी और सिलीसेढ़ से पानी लाने का ढोल भी पीट रही है। लेकिन फिलहाल तो पानी लोगों को नहीं मिल रहा और न ही पानी मिलने की कोई उम्मीद ही दिखाई दे रही है।
अलवर शहर में बढ़ती गर्मी के चलते पानी की समस्या अब चरम पर पहुंच गई है। वार्ड-42 समेत कई इलाकों में पानी की किल्लत से परेशान लोगों ने मिनी सचिवालय के मुख्य गेट पर धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में महिलाओं और पुरुषों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया और जलदाय विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी की। इनमें महिलाए भी बड़ी संख्या में शामिल थीं।
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प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उन्हें पिछले कई वर्षों से पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। वार्ड-42 के पार्षद रिंकू ने बताया कि वे पिछले पांच वर्षों से लगातार जलदाय विभाग को अवगत करवा रहे हैं। लेकिन विभाग केवल आश्वासन देकर चुप बैठ जाता है।
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उन्होंने बताया कि वार्ड में 10,000 से अधिक की आबादी है। लेकिन केवल एक बोरिंग से पानी की आपूर्ति की जा रही है, जो नाकाफी है। स्थानीय लोगों ने जल्द समाधान नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। पानी की समस्या ने शहरवासियों का जीना दुश्वार कर दिया है।
हालात यह हो गए कि हर दिन किसी न किसी इलाके से लोग पहुंच कर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।अखेपुरा कच्ची बस्ती ओर मोहल्ला रंगभरियां तथा सक्का पाडी की महिलाएं भी आये दिन पानी को लेकर आंदोलन कर रही हैं। यदि यही स्थिति रही तो लोग जलदाय विभाग के अधिकारियों का घरों से निकलना दूभर कर देंगे, क्योंकि पानी वे दे नहीं पाएंगे।