मत्स्य थाना क्षेत्र में एक मूकबधिर बालिका से दुष्कर्म करने के मामले में पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। तेरह साल की इस मूकबधिर बालिका से दुष्कर्म का पता तब चला, जब वह गर्भवती हो गई। करीब पांच माह की गर्भवती होने पर परिवार को पता चला और मामला पुलिस थाने में पहुंचा।
अलवर के MIA थाना क्षेत्र में अगस्त 2023 में 13 साल की मूकबधिर बालिका से दुष्कर्म करने वाले आरोपी को कोर्ट ने आजीवन कारावास और चार लाख रुपये के आर्थिक दंड से दंडित किया है। मूकबधिर नाबालिग पांच महीने की गर्भवती हो गई थी।
यह भी पढ़ें: 25 बीघा जमीन पर UIT ने JCB चलाई, मंत्री किरोड़ीलाल ने मुख्य सचिव को भेजी थी शिकायत, ये रहा मामला
विशिष्ठ लोक अभियोजक पंकज यादव ने बताया कि MIA थाना क्षेत्र में बिहार का एक परिवार किराए पर रहता था। यह परिवार वहां मजदूरी का काम करता है। उसी मकान में राजगढ़ तहसील के टहला निवासी आरोपी राहुल रहता था। मूकबधिर नाबालिग के माता-पिता दिन में मजदूरी पर चले जाते थे और पीछे से राहुल ने उनकी नाबालिग बेटी से दुष्कर्म कर दिया। यही नहीं नाबालिग को डरा धमकाकर राहुल उसके साथ अक्सर दुष्कर्म करने लगा था, जिस कारण नाबालिग गर्भवती हो गई। करीब पांच माह की गर्भवती होने के बाद परिवार के लोगों ने नाबालिग को डॉक्टर को दिखाया। उसके बाद उसके साथ दुष्कर्म का पता चला।
यह भी पढ़ें: सरिस्का की 'राजमाता' ST-2 बाघिन का स्टेच्यू जल्द बनेगा, सात लाख रुपये की आएगी लागत; जानें
फिर नाबालिग के माता-पिता ने पुलिस को रिपोर्ट दी। पुलिस ने जांच के बाद चार्जशीट पेश की। पॉक्सो कोर्ट नंबर दो ने पूरे मामले में सभी तथ्यों की सत्यता को जाना। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में 26 गवाह और 27 डॉक्यूमेंट पेश किए गए थे। इसके अलावा मेडिकल रिपोर्ट और एक्सपर्ट की एविडेंस पर विचार करने के बाद कोर्ट ने राहुल को दोषी पाया था। दोष सिद्ध होने पर उसे आजीवन कारावास और चार लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
आरोपी युवक राहुल शादीशुदा है, जिसके दो बच्चे भी हैं। वह भी एमआईए में मजदूरी का काम करता था। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अनेक दस्तावेज भी पेश किए गए और साथ ही गवाद भी करवाये गए। सारे तथ्यों पर गौर करने के बाद कोर्ट ने आरोपी राहुल पर दोष सिद्ध पाया और सजा सुना दी।