कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा की शिकायत के बाद अलवर यूआईटी ने जयसमंद के नीचे केसरपुर गांव में करीब 25 बीघा जमीन पर हो रही अवैध प्लॉटिंग पर जेसीबी चलाई है। यह जमीन मास्टर प्लान में स्पोर्ट्स जोन के रूप में दर्ज है। गोचर भूमि, श्मशान भूमि और बहाव क्षेत्र होने के बावजूद यहां अवैध प्लॉटिंग कर दी। यही नहीं मत्स्य पालन की कुछ जमीन पर अवैध रूप से डिक्री थमा दी, जिसकी शिकायत कैबिनेट मंत्री ने मुख्य सचिव से की थी। उसके बाद अवैध प्लॉटिंग को तोड़ने का काम शुरू हुआ है।
बता दें कि पिछले काफी दिनों पहले सरपंच ने भी शिकायत की थी। केसरपुर गांव के सरपंच ने पहले भी लगातार अलवर प्रशासन को शिकायत की थी। सरपंच ने शिकायत दी थी कि मत्स्य पालन की जमीन पर गलत तरीके से संतोष देवी पत्नी बन्नाराम मीणा के नाम डिक्री कर दी गई। जबकि संतोष देवी ने दूसरी जमीन खरीदी थी। लेकिन अफसरों ने मिलीभगत कर मत्स्य पालन की जमीन में से डिक्री कर दी। एक तरह से जमीन की अदला-बदली कर दी, जो पूरी तरह गलत थी।
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शिकायत में बताया था कि इसके अलावा कुछ जमीन खरीदने के बाद कई भूमाफियों ने मिलकर अवैध प्लॉटिंग शुरू कर दी। इसकी शिकायत बराबर की गई। लेकिन पहले तो प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया। बाद में मामला डॉ. किरोड़ीलाल तक पहुंचा। उन्होंने अपने स्तर पर जांच कराई और दस्तावेज जुटाने के बाद मुख्य सचिव को भेजे। उसके बाद यहां अवैध प्लॉटिंग पर जेसीबी चली है।
केसरपुर के सरपंच और ग्रामीणों की शिकायत के बाद अलवर के सर्किट हाउस में डॉ. किरोड़ीलाल ने प्रशासन के अधिकारियों को सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। बीजेपी के नेता को भी फटकारा था। उसके बाद दो दिन पहले डॉ. किरोड़ी अलवर आए। तब भी उन्होंने कहा था कि कांग्रेस और बीजेपी के कुछ छुटभैया नेता अवैध रूप से जमीनों पर कब्जा करने में लगे हैं, जिनकी उन्होंने शिकायत की है।
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कार्रवाई में कई थानों की पुलिस पहुंची
अवैध प्लॉटिंग और निर्माण तोड़ने के लिए सदर थाना, अकबरपुर और मालाखेड़ा थाने की पुलिस को वहां भेज गया। यहां तहसीलदार रश्मि शर्मा कुछ ही देर रुकी। उसके बाद मौके से वापस निकल गई। यूआईटी के तहसीलदार अनिल शर्मा सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।वहीं, यूआईटी के तहसीलदार अनिल शर्मा ने बताया कि केसरपुर में न्यास अभियंता की रिपोर्ट के आधार पर अवैध अतिक्रमण के खिलाफ नोटिस जारी किया गया था। लेकिन नोटिस का जवाब नहीं मिलने के बाद जाब्ते के साथ अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त करने का काम किया जा रहा है।
वहीं, भूमाफियाओं ने सरकारी जमीन के साथ-साथ सरकारी पानी की बोरिंग पर भी कब्जा कर लिया है। अब यूआईटी के द्वारा कार्रवाई की जा रही है, जो कल तक चलेगी। इसमें कुछ बाउंड्री को भी तोड़ा जाएगा। इसके अलावा वहां पर बने मकानों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाए, उसके लिए अलग से प्लान तैयार किया जाएगा।