राजस्थान में जारी भारी बारिश के अलर्ट के बीच अलवर जिले में गुरुवार रात करीब 12:30 बजे से मूसलाधार बारिश का दौर लगातार जारी है। करीब 11 घंटे से हो रही तेज बारिश ने शहर की सड़कों, बाजारों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को पूरी तरह से पंगु कर दिया है। सबसे अधिक संकट सामान्य चिकित्सालय परिसर में देखने को मिला, जो जलभराव से पूरी तरह डूब चुका है।
ट्रॉमा सेंटर से OT तक ले जाना भी हुआ मुश्किल
अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर से ऑपरेशन थिएटर तक मरीजों को ले जाना बेहद मुश्किल हो गया है। अस्पताल के सुरक्षा गार्ड राजेन्द्र यादव ने बताया कि परिसर में जल निकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है, जिससे हालात और बिगड़ गए हैं। यदि बारिश अभी रुक भी जाती है तो भी पानी की निकासी में 2 से 3 घंटे लग सकते हैं।
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जिला कलेक्टर ने स्कूलों में घोषित किया अवकाश
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर ने सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया। हालांकि, यह घोषणा सुबह देर से की गई, जिससे विद्यार्थियों और अभिभावकों को भारी असुविधा झेलनी पड़ी।
शहर की सड़कें बनीं दरिया, बाजारों में पसरा सन्नाटा
तेज बारिश के कारण घंटाघर, बिजली घर चौराहा, SMD सर्किल, होप सर्कस जैसे प्रमुख इलाकों में पानी भर गया है। इससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया और दोपहिया वाहन चालकों को फिसलन की वजह से कई जगहों पर चोटें भी आईं।
कारोबार पर भी पड़ा असर, व्यापारी वर्ग नाराज
व्यापारियों और दुकानदारों ने शिकायत की है कि जलभराव के कारण ग्राहकों की आवाजाही रुक गई है, जिससे उनके कारोबार पर सीधा असर पड़ा है। स्थानीय निवासियों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि हर साल मानसून से पहले नालों की सफाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीन पर कुछ भी नहीं होता। नालियों की सफाई अधूरी रहती है और बारिश शुरू होते ही गंदा पानी सड़कों पर फैलने लगता है।