भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बानसूर तहसील के खोहरी हल्का पटवारी अतुल कुमार यादव को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई अलवर प्रथम एसीबी चौकी द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अंजाम दी गई।
जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता ने एसीबी मुख्यालय में शिकायत दी थी कि उसने अपनी भाभी के साथ मिलकर ग्राम खोहरी में करीब साढ़े पांच बीघा कृषि जमीन खरीदी है। इस जमीन की रजिस्ट्री 22 जनवरी को हो चुकी थी। रजिस्ट्री के बाद नियम के अनुसार राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज करना और जमीन पर दर्ज पुराने कर्ज का रिकॉर्ड हटाना जरूरी था।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि हल्का पटवारी अतुल कुमार यादव इन कामों को करने के बदले 15 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था और पैसे नहीं देने पर बार-बार परेशान कर रहा था।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी चौकी अलवर प्रथम ने गुप्त रूप से शिकायत का सत्यापन करवाया। सत्यापन के दौरान पटवारी द्वारा रिश्वत की मांग किए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद उप महानिरीक्षक पुलिस अनिल कयाल के सुपरविजन में एक ट्रैप टीम का गठन किया गया।
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एसीबी चौकी अलवर प्रथम के प्रभारी एवं उप अधीक्षक पुलिस शब्बीर खान के नेतृत्व में टीम ने बानसूर में जाल बिछाया। जैसे ही परिवादी ने पटवारी अतुल कुमार यादव को रिश्वत की राशि 15,000 रुपये थमाई, टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। आरोपी के पास से रिश्वत की रंगी हुई नकदी बरामद कर ली गई है।
एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस श्रीमती स्मिता श्रीवास्तव के निर्देशन में आरोपी पटवारी से पूछताछ की जा रही है। ब्यूरो की टीम आरोपी के अन्य ठिकानों और दस्तावेजों की भी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वह पूर्व में भी इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त रहा है।
इस कार्रवाई से तहसील कार्यालय में हड़कंप मच गया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो तुरंत एसीबी की हेल्पलाइन पर संपर्क करें।