उत्तरप्रदेश के फिरोजाबाद में शनिवार तड़के प्रयागराज महाकुंभ में स्नान करके लौट रहे राजस्थान के नागौर जिले के श्रद्धालुओं की स्लीपर बस में अचानक आग लग गई। हादसे में नागौर के मूंडवा निवासी पवन शर्मा की जलकर दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 29 यात्री समय रहते बस से कूदकर अपनी जान बचाने में सफल रहे।
श्रद्धालु 9 फरवरी को नागौर जिले के मूंडवा से दो स्लीपर बसों से प्रयागराज महाकुंभ में स्नान के लिए रवाना हुए थे। इसके बाद उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन किए और फिर सरयू नदी में स्नान करने के बाद वापस लौट रहे थे। तभी शनिवार तड़के आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर फिरोजाबाद जिले के मुस्तेना थाना क्षेत्र में बस में अचानक आग लग गई। ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत बस को रोक दिया, जिससे 29 यात्री कूदकर सुरक्षित बाहर निकल आए लेकिन पवन शर्मा बस के अंदर ही रह गया और आग में झुलसकर उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के चश्मदीद दलीप सैन ने बताया कि घटना तड़के करीब 3:45 बजे की है। उन्होंने कहा, "हम कुछ ही दूरी पर दूसरी बस में आगे थे, तभी ड्राइवर ने हादसे की सूचना दी। जब हम मौके पर पहुंचे तो बस धू-धूकर जल रही थी। हमने सभी यात्रियों को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन पवन अंदर ही रह गया। जब तक उसे ढूंढा जाता, तब तक आग ने पूरी बस को घेर लिया था।"
फिरोजाबाद के एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। हालांकि आग इतनी भीषण थी कि कुछ ही देर में पूरी बस जलकर राख हो गई।
नागौर के अतिरिक्त जिला कलेक्टर चंपालाल जीनगर ने बताया कि मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है और वे घटनास्थल के लिए रवाना हो चुके हैं। बाकी बचे यात्रियों को दूसरी बस से सुरक्षित भेज दिया गया है।
बताया जा रहा है कि मृतक पवन शर्मा मूंडवा में रेडीमेड कपड़ों की दुकान पर सेल्समैन का काम करता था। वह चार भाइयों में सबसे छोटा था और अविवाहित था। पवन के पिता ओमप्रकाश शर्मा पिछले 10 वर्षों से कोमा में हैं।
इस दर्दनाक हादसे पर नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल और स्थानीय नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है।