उत्तर प्रदेश के संभल में हुई शाही मस्जिद वाले मामले में अजमेर में दरगाह के खादिमों की संस्था अंजुमन सैयद जादगान के सचिव सैयद सरवर चिश्ती का बयान सामने आया है। सरवर चिश्ती ने कहा कि कानून की धज्जियां उड़ाई गई, 3 मुस्लिम शहीद हुए, गोलियां चली, पहले भी 1978 में सब कुछ हुआ था यहां पर, 1 दिन में कोर्ट में याचिका दायर की जाती है। बिना मुस्लिम पक्ष को सुने हुए कोर्ट का फैसला आ जाता है। कमिश्नर अप्वॉइंट किया जाए, सर्वे किया जाए, शाम को जाकर सर्वे भी कर लेते हैं। हद तब है जब रिपोर्ट भी तैयार हो जाती है।
उन्होंने कहा कि कब तक मुसलमान इन चीजों को सहेगा। बाबरी मस्जिद का फैसला आने के बाद सोचा था कि अब देश में कुछ नहीं होगा। मंदिर-मस्जिद विवाद नहीं होगा, लेकिन यह तो थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने कहा था कि हर मस्जिदों में क्या आप मंदिर तलाश करते फिरेंगे, लेकिन मुझे तो लग रहा है कि ये चीज रुकने का नाम ही नहीं ले रही। कभी हमारे पैगंबर की शान में गुस्ताखी हो रही है, जो करते हैं वह पकड़े नहीं जाते हैं, यहां तक कहते हैं कि मक्के की खुदाई करो वहां मंदिर मिलेंगे।
अंजुमन के सचिव सैयद सरवर चिश्ती ने कहा कि महाराष्ट्र इलेक्शन के बाद फडणवीस ने किस तरह का स्टेटमेंट दिया। पीएम ने वक्फ बोर्ड को लेकर क्या बोला, योगी कहते हैं कि बटेंगे तो कटेंगे, नरेंद्र मोदी कुछ और कहते हैं कि एक है तो सेफ है। जब पूरी सिटीजनशिप ऑफ इंडिया के लिए यह बात कहते तो अच्छी लगती है। सिर्फ एक समुदाय विशेष के लिए यह बात कहना हम कोई बात कहते हैं तो कहते है भड़काऊ भाषण है। यह बात कहते हैं तो कहते हैं की हुंकार भरी। यह देश को किस दिशा में लेकर जा रहे हैं, यह क्या करना चाहते हैं, कुछ समझ से बाहर है। उन्होंने कहा कि यह इतनी बड़ी 30 करोड़ मुस्लिम आबादी को नाराज करके यह देश किस तरह से चलेगा।