नागौर शहर के गांधी चौक स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य ब्रांच से दो युवकों ने 5 लाख रुपए की चोरी कर ली। इस वारदात को बैंक के गार्ड्स की मौजूदगी और मुख्य प्रबंधक के चैंबर के पास अंजाम दिया गया, जिससे बैंक की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
घटना दोपहर में लगभग 1:24 बजे हुई जब भादवासी निवासी भेरूराम रॉड ने अपने बड़े बेटे की शादी के लिए 6 लाख रुपये बैंक से निकाले थे। भेरूराम ने बताया कि वह बैंक के मुख्य प्रबंधक के चैंबर के सामने अपनी डायरी में एंट्री कर रहा था और अपने बैग में निकाले गए रुपये रख रहा था। इसी दौरान दो युवकों ने बैग से 5 लाख रुपये चुरा लिए। यह घटना बैंक में सुरक्षा गार्ड्स की मौजूदगी के बावजूद हुई, जिससे बैंक के सुरक्षा उपायों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
चोरी होने के बाद भेरूराम ने तुरंत हल्ला मचाकर बैंक के कर्मचारियों को सूचित किया लेकिन तब तक आरोपी युवक बैंक से बाहर निकलने में सफल हो गए। पीड़ित ने गांधी चौक स्थित पुलिस चौकी पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी युवक टैक्सी में बैठकर फरार हो गए।
सूचना मिलते ही कोतवाली थाना अधिकारी, डीएसपी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक घटना स्थल पर पहुंचे और बैंक के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला। पुलिस ने जिले भर में नाकाबंदी करवाकर आरोपी युवकों की तलाश शुरू कर दी है। मेड़ता और नोखा रेलवे स्टेशन पर पुलिस तैनात कर दी गई है। पुलिस ने दावा किया है कि सीसीटीवी फुटेज में दो से अधिक युवकों की पहचान हुई है और उन्हें जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।
बताया जा रहा है कि यह वारदात उस वक्त हुई जब बैंक में कैश आ रहा था और सुरक्षा गार्ड्स भी वहां तैनात थे। खास बात यह है कि घटना मुख्य प्रबंधक के चैंबर के सामने हुई, जहां सुरक्षा व्यवस्था अधिक सख्त होनी चाहिए थी। इस घटना के बाद बैंक के प्रबंधक ने पीड़ित को केवल पुलिस से संपर्क करने की सलाह दी और मामले को हल करने में कोई पहल नहीं की।
जिला पुलिस अधीक्षक नारायण टोगस ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में आरोपी युवक पीड़ित के बैग से रुपये निकालते हुए दिख रहे हैं। पुलिस की टीम सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
चोरी की इस वारदात ने बैंक की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बैंक में कैश लाने के दौरान सुरक्षा गार्ड्स की जिम्मेदारी पर सवाल उठने के अलावा, बैंक प्रबंधक और कर्मचारियों की लापरवाही भी उजागर हुई है। अब देखना यह है कि पुलिस जल्द ही आरोपियों को पकड़ पाती है या नहीं और इस घटना के बाद बैंक प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं।