श्री गुरु नानक देव जी के 555वें प्रकाश पर्व पर पावन नगरी में सजाए गए चौथे हरे नगर कीर्तन में बड़ी तादाद में संगत शामिल हुई। यह नगर कीर्तन पवित्र काली बेईं किनारे गुरुद्वारा गुरुप्रकाश साहिब से शुरू हुआ और गुरुद्वारा बेर साहिब में मत्था टेकने के बाद शहर के विभिन्न मोहल्लों से होकर गुजरा और गुरुद्वारा गुरुप्रकाश साहिब में दोबारा पहुंचकर संपन्न हुई। पैदल शहर से गुजरते हुए संत सीचेवाल ने बड़ी संख्या में पौधों का प्रसाद वितरित किया।