केएमएम चैप्टर पंजाब के आह्वान पर आज पूरे पंजाब में राज्य सरकार के मंत्रियों और विधायकों के घरों के बाहर अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन करने का एलान किया गया था। इसी क्रम में मोगा की विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा के घर के बाहर केएमएम चैप्टर पंजाब के विभिन्न जत्थेबंदियों की ओर से बड़ी संख्या में किसानों ने धरना दिया। इस दौरान किसानों ने पंजाब सरकार और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। किसान यूनियन के नेताओं ने बताया कि उनकी मुख्य मांगों में केंद्र सरकार से बिजली संशोधन बिल 2025 और बीज बिल 2025 को रद्द करना शामिल है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अमेरिका के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट करने जा रही है, जिसे लागू किए जाने पर कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान होगा और किसानों की जमीनों पर कॉरपोरेट घरानों का कब्जा बढ़ सकता है, इसलिए इसका भी विरोध किया जा रहा है। किसानों ने बताया कि पंजाब में विधायकों और मंत्रियों के घरों के बाहर धरना लगाने का उद्देश्य शंभू-खनौरी आंदोलन के दौरान हुए नुकसान के लिए 3 करोड़ 77 लाख रुपये का मुआवजा, MSP की कानूनी गारंटी देने का कानून बनाना तथा बाढ़ से प्रभावित किसानों को जल्द मुआवजा देना है। उन्होंने कहा कि बाढ़ से नष्ट हुई फसलों, घरों और पशुओं के नुकसान का शेष मुआवजा तुरंत जारी किया जाए। इसके अलावा किसानों ने पंजाब में गैंगस्टर के नाम पर बेगुनाह युवाओं को परेशान किए जाने पर रोक लगाने और बड़े नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी उठाई। किसान नेताओं ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर पंजाब सरकार को चेतावनी पत्र देंगे। अगर सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।