पंजाब के जल संसाधन मंत्री बरिंदर गोयल ने बुधवार को गांव कोल्हेमाजरा में 26.73 करोड़ रुपये की लिफ्ट सिस्टम आधारित नहरी सिंचाई परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इससे घनौर विधानसभा क्षेत्र के 42 गांवों के किसानों को बड़ी सौगात मिली। पंजाब सरकार ने भूजल संरक्षण का संकल्प लेते हुए किसानों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी की है। मंत्री गोयल ने बताया कि सरकार ने व्यर्थ बहने वाले नहरी पानी का बड़े स्तर पर सिंचाई के लिए उपयोग किया है। इससे पंजाब के भूजल को बचाने के अभियान को मजबूती मिली। घनौर में 22.23 करोड़ रुपये की लागत से वाटर लिफ्टिंग सिस्टम के माध्यम से 36.39 किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन बिछाई गई। इससे 38 गांवों को नहरी पानी का लाभ पहुंचा। कुल 15,129 एकड़ भूमि पहली बार नहरी सिंचाई के दायरे में आई है। घड़ाम रजबाहा के 2.44 किलोमीटर हिस्से को 4.50 करोड़ रुपये से कंक्रीट लाइनिंग कर पक्का किया गया। इससे 4 गांवों की 1,803 एकड़ भूमि को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा। बाढ़ बचाव और अन्य लाभ मंत्री गोयल ने कहा कि पंजाब सरकार ने पूरे राज्य में बाढ़ से बचाव के लिए 450 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। यह पिछले 50 वर्षों में पहली बार इतने बड़े स्तर पर हुआ है। केवल घनौर में घग्गर नदी पर बाढ़ सुरक्षा के लिए 13 करोड़ रुपये खर्च किए गए। विधायक गुरलाल घनौर ने बताया कि लिफ्ट सिस्टम से भूजल संरक्षण होगा और खेती की लागत भी कम होगी। इस अवसर पर सिंचाई विभाग के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर रमणदीप सिंह बैंस, ट्यूबवेल कॉर्पोरेशन के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर मनिंदर सिंह, पुलिस उपाधीक्षक दलजीत सिंह विर्क सहित कई अधिकारी और क्षेत्रवासी उपस्थित थे।