सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे चुके क‘चे अध्यापकों (वॉलंटियर्स) ने अपनी बहाली की मांग को लेकर मंगलवार को पंजाब-चंडीगढ़ बॉर्डर पर धरना दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारी अध्यापकों ने चंडीगढ़ की ओर कूच करने का प्रयास किया, लेकिन प्रवेश द्वार पर तैनात पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान अध्यापकों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की व झड़प हुई, जिसमें कई अध्यापकों के घायल हो गए। मौके पर मौजूद प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बहाली की प्रक्रिया को जल्द अंतिम रूप देने की मांग उठाई। प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण बना रहा। शिक्षा मंत्री की मौजूदगी की मांग दोबारा बहाल क‘चे अध्यापक यूनियन के प्रधान विकास साहनी ने बताया कि यूनियन की ओर से बहाली प्रक्रिया को अंतिम रूप देने और बुधवार को प्रस्तावित प्रबंधकीय बैठक में शिक्षा मंत्री की मौजूदगी सुनिश्चित कराने की मांग को लेकर धरना लगाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस के साथ हुई खींचतान के दौरान कई अध्यापक घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए फेज-6 स्थित सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने कहा कि घायल होने के बावजूद अध्यापक भीषण गर्मी और कड़ी धूप में धरनास्थल पर डटे हुए हैं और अपनी मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखेंगे। मांगें पूरी नहीं हुई तो होगी भूख हड़ताल विकास साहनी ने चेतावनी दी कि यदि बुधवार को होने वाली बैठक में बहाली को अंतिम रूप नहीं दिया गया और शिक्षा मंत्री ने बैठक में हिस्सा नहीं लिया, तो यूनियन अपने आंदोलन को और तेज करते हुए धरने को भूख हड़ताल में बदल देगी। धरने में लखविंदर कौर (कपूरथला), अमनदीप धालीवाल (हनुमानगढ़), वरुण खेड़ा (फाजिल्का), जसविंदर कौर (जालंधर), रुपिंदर कौर (पटियाला), गुरप्रीत सिंह (बठिंडा), सुखदीप सिंह (होशियारपुर), गुरप्रीत कौर (होशियारपुर), हरजीत कौर, निर्मल कौर, रविंदर कौर (होशियारपुर), नवदीप सिंह अकावाली, मनिंदर सिंह (मानसा), गुरसेवक सिंह (मानसा), अमरजीत कौर, कांता रानी (मानसा), करमजीत कौर, जर्नैल सिंह काहनगढ़, सुखदर्शन सिंह कुलरियां, प्रीतम सिंह, परमजीत कौर, बलविंदर कौर (मानसा), वजीर सिंह (बुढलाडा), वीरपाल कौर सहित बड़ी संख्या में अध्यापक मौजूद रहे।