जगरांव नगर परिषद की घोर लापरवाही और तानाशाही रवैये के खिलाफ बुधवार सुबह शहर में हालात बेकाबू हो गए। नगर परिषद ने घरों से उठाया गया कचरा सीधे शहर की लाइफ लाइन झांसी रानी चौक रोड पर फेंक दिया, जिससे व्यापारियों और आम नागरिकों का गुस्सा फूट पड़ा। झांसी चौक के दुकनदारों ने कूडा सड़क पर फेंकने पर अपनी दुकानें बंद कर धरना लगा दिया। नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष जतिंदर पाल राणा मौके पर पहुंचे और कचरा डालने आई कई ट्रॉलियों को मौके पर ही रोक कर वापस भिजवा दिया। देखते ही देखते दुकानदारों, राहगीरों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और नगर परिषद के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी शुरू हो गई। नगर परिषद की इस मनमानी के विरोध में झांसी रानी चौक रोड पूरी तरह जाम कर दिया गया। प्रदर्शन का नेतृत्व खुद पूर्व अध्यक्ष जतिंदर पाल राणा और उनके पार्षद भाई रविंदर पाल ‘राजू’ ने किया। प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि नगर परिषद शहर को कूड़े का ढेर बनाकर जनता की सेहत से खिलवाड़ कर रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नगर परिषद के पास लंबे समय से कचरा निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है, लेकिन समाधान निकालने की बजाय अधिकारी शहर की सड़कों को ही डंपिंग ग्राउंड बनाने पर उतर आए हैं। इसी नाकामी के चलते सफाई कर्मचारी पहले ही घरों से कचरा उठाना बंद कर चुके थे। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि नगर परिषद ने तुरंत प्रभाव से कचरा निस्तारण के लिए स्थायी समाधान नहीं किया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज़ किया जाएगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर परिषद प्रशासन की होगी।