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जगराओं में मुख्यमंत्री के पुतले की निकाली 'शव यात्रा', सफाई सेवकों का फूटा गुस्सा

अपनी लंबित मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से हड़ताल पर बैठे सफाई सेवकों का गुस्सा शुक्रवार को चरम पर पहुंच गया। सफाई सेवक यूनियन के प्रधान अरुण गिल की अगुवाई में कर्मचारियों ने नगर कौंसिल कार्यालय से पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के पुतले की प्रतीकात्मक 'शव यात्रा' निकाली और झांसी चौक पहुंचकर पूरे रीति-रिवाज के साथ उसका प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार किया। इस दौरान कर्मचारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पिट-सियापा कर रोष जताया। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही तहसीलदार रेशम सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की, उनकी मांगें सुनीं और यूनियन का मांग-पत्र प्राप्त कर सरकार तक पहुंचाने का भरोसा दिया। हालांकि कर्मचारियों ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। यूनियन नेताओं ने बताया कि संगरूर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों पर हुए कथित लाठीचार्ज और यूनियन प्रतिनिधियों को हिरासत में लेने की घटना के विरोध में पूरे पंजाब में संघर्ष तेज किया जा रहा है। उनका आरोप है कि लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों पर बल प्रयोग कर उनके अधिकारों का हनन किया गया है। उन्होंने इस पूरे मामले में स्थानीय विधायक की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में किसी भी जिले में सफाई सेवकों या नगर निगम कर्मचारियों पर दोबारा लाठीचार्ज किया गया या उन्हें गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में लिया गया, तो पूरे पंजाब में सफाई कर्मचारी, नगर निगम कर्मचारी तथा विभिन्न सामाजिक और जन संगठन मिलकर आंदोलन को और व्यापक करेंगे। कर्मचारियों ने कहा कि यदि आंदोलन के कारण शहरों में जनजीवन प्रभावित होता है तो इसकी पूरी नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी पंजाब सरकार की होगी, क्योंकि कर्मचारियों की वर्षों पुरानी जायज मांगों का समय रहते समाधान नहीं किया गया। यूनियन की प्रमुख मांगें संगरूर में हुए कथित लाठीचार्ज और हिरासत की निष्पक्ष जांच कराई जाए। दोषी अधिकारियों या संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। सफाई सेवकों और नगर निगम कर्मचारियों की लंबित मांगों का तत्काल समाधान किया जाए। शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की दमनात्मक कार्रवाई बंद की जाए। यूनियन ने पंजाब सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर कर्मचारियों की मांगों का समाधान निकालने की अपील की है, ताकि प्रदेश में टकराव की स्थिति पैदा न हो।

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