रायकोट राजवाहा के गैबी पुल के निकट बांध टूट जाने से सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई। वहीं आसपास के घरों और दुकानों में भी पानी घुस गया। किसानों की हाल ही में रोपी गई धान और मक्के की फसल तबाह हो गई। इस दौरान एक किसान का ट्रैक्टर भी तेज बहाव की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गया। किसान गुरदीप सिंह की लगभग 10 एकड़ धान और 3 एकड़ मक्के की फसल बर्बाद हो गई। उनका ट्रैक्टर भी पानी के बहाव में फंसकर टूट गया। वहीं किसान जिंदर बाबा की 10 एकड़ धान की फसल भी जलमग्न होकर नष्ट हो गई, जिसकी रोपाई उन्होंने मात्र दो दिन पहले ही करवाई थी। घटना की सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर रमाकांत गर्ग मौके पर पहुंचे, जहां किसानों ने विभाग के खिलाफ रोष जताया। जेई ने आरोप लगाया कि गुरदीप सिंह के ट्रैक्टर से राजवाहा का पुल क्षतिग्रस्त हुआ है। इससे किसान भड़क उठे और दोनों पक्षों में नोकझोंक हो गई। रायकोट पुलिस को हस्तक्षेप कर स्थिति संभालनी पड़ी। किसानों का आरोप है कि गैबी पुल से लगातार हो रहे पानी के रिसाव को लेकर वे लंबे समय से सिंचाई विभाग को चेतावनी देते आ रहे थे। शिकायतें करने के बावजूद विभाग ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया। नंबरदार बाबा सिंह गिल, गुरदीप सिंह और जिंदर बाबा ने चेतावनी दी है कि जब तक प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा नहीं दिया जाता, तब तक वे राजवाहा और पुल की मरम्मत का कार्य शुरू नहीं होने देंगे। सिंचाई विभाग के एसडीओ जगदीप सिंह ने बताया कि मामले को विभाग के उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया है।