रूस से वापस लौटे जालंधर के रामनगर निवासी आकाशदीप ने ट्रैवल एजेंट पर गंभीर आरोप लगाते हुए अपनी आपबीती साझा की। उनका दावा है कि एजेंट ने वर्क वीजा, फूड पैकेजिंग की नौकरी, बेहतर रहने-खाने की सुविधा और अच्छी सैलरी का वादा किया था, लेकिन उन्हें टूरिस्ट वीजा पर रूस भेज दिया गया। वहां पहुंचने पर बेहद खराब हालात में रखा गया और बाद में कंस्ट्रक्शन का काम करने के लिए मजबूर किया गया। आकाशदीप का आरोप है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उन्हें रूसी सेना में शामिल होने का विकल्प दिया गया और लाखों रुपये मिलने का लालच भी दिया गया। आकाशदीप के मुताबिक, सेना में भर्ती होने से इनकार करने के बाद एजेंट ने किसी भी तरह की मदद से हाथ खड़े कर दिए। उन्होंने दावा किया कि टूरिस्ट वीजा पर काम के दौरान पुलिस की कार्रवाई के बाद उन्हें जंगल में छिपकर कई दिन भूखे-प्यासे बिताने पड़े। बाद में एक स्थानीय व्यक्ति और उसके दोस्त की मदद से वे सुरक्षित बाहर निकल सके और परिवार की सहायता से भारत लौटे। उनका कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया में करीब 8 लाख रुपये खर्च हो गए। आकाशदीप ने बताया कि उन्होंने जालंधर निवासी एजेंट पवन कुमार के खिलाफ एंटी फ्रॉड थाने में शिकायत दर्ज करवा दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत के बाद समझौते के बहाने बुलाकर उनके परिवार के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार किया गया। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।